अब यहां से बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में हम इस समय निवेशकों को SIP की जगह एकमुश्त बड़ा निवेश करके इक्विटी में निवेश बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं। ये बातें ग्रीन पोर्टफोलियो PMS के दिवम शर्मा ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं। स्टॉक मार्केट का 13 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले दिवम का मानना है कि वित्त वर्ष 2024 में फार्मा सेक्टर आउट परफॉर्म करता दिखेगा। इस सेक्टर में अभी से हमें बेहतर संकेत देखने को मिल रहे हैं। गौरतलब है कि यह सेक्टर 2021 से ही अंडर परफॉर्म कर रहा है। लेकिन अब इसमें तेजी आने के संकेत दिख रहे हैं।
उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि अप्रैल में वित्त वर्ष 2023-24 की RBI की पहली मॉनेट्री पॉलिसी कमेटी मीटिंग होने जा रही है। इस मीटिंग में आरबीआई एक लंबा विराम लेने के पहले रेपो रेट में आखिरी बढ़ोतरी कर सकता है।
क्या यह डिफेंसिव शेयरों पर दांव लगाने का समय है?
इस सवाल का जवाब देते हुए दिवम शर्मा ने कहा कि यह समय सेक्टर रोटेशन करने का है। ऐसे में हमने डिफेंसिव सेक्टरों में अपना वेटेज कम किया है। उम्मीद है कि अप्रैल में ब्याज दरें अपने पीक पर पहुंच जाएंगी। ऐसे में इस समय ग्रोथ स्टॉक पर दांव लगाना ज्यादा बेहतर होगा। ब्रॉडर मार्केट काफी लंबे समय से ठहरा नजर आ रहा है। हाल के नतीजों पर नजर डालें तो कंपनियों के मार्जिन में 2-3 फीसदी का दबाव देखने को मिला है। लेकिन बाजार में अब तक काफी करेक्शन आ चुका है। ऐसे में हमें मीडियम टर्म में ग्रोथ स्टॉक्स में रिकवरी देखने को मिल सकती है।
आईटी शेयरों के पुराने दिन लौटने में अभी लगेगा वक्त
आईटी सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि रिटेल और फाइनेंशियल कंपनियां आईटी सेक्टर की सबसे बड़ी ग्राहक हैं। आईटी कंपनियों की अमेरिका पर काफी ज्यादा निर्भरता है। ऐसे में पश्चिमी देशों में मंदी और बैंकिंग संकट भारतीय आईटी कंपनियों पर नेगिटव असर दिखाएगी। ऐसे में आईटी शेयरों के पुराने दिन लौटने में अभी समय लगेगा।
बाजार पर आगे की चाल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यहां से बाजार में अब तेजी देखने को मिलेगी। वित्त वर्ष 2023 बाजार के लिए काफी उठा पटक वाला रहा है। आमतौर पर बाजार में शानदार तेजी के बाद एक कंसोलिडेशन देखने को मिलता है। वित्त वर्ष 2023 कंसोलिडेशन का साल था। अब हमें बाजार में तेजी का चक्र देखने को मिलेगा।
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