Experts views : करेक्शन के बाद वैल्यूएशन हुए अच्छे, लार्ज कैप शेयरों पर रह सकता है ज्यादा फोकस

Market this week : इस हफ्ते बाजार में सकारात्मक रुख के साथ 2025 की सबसे बड़ी वीकली बढ़त देखने को मिली। निफ्टी ने 3 हफ्ते की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। इस सप्ताह इसमें करीब 2 फीसदी की बढ़त हुई। निफ्टी बैंक ने बढ़त दर्ज की, लेकिन अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन किया। इसमें वीकली बेसिस पर 0.4 प्रतिशत की बढ़त रही

अपडेटेड Mar 07, 2025 पर 6:14 PM
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जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी टैरिफ टैंट्रम और दूसरे देशों की ओर से जवाबी धमकियों के कारण अनिश्चितता का माहौल है। इस अस्पष्टता के कारण जोखिम से बचने का ट्रेंड बढ़ा है

Market mood: उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के बाजार आज सपाट बंद हुआ है। बाजार का रुझान आज मिला-जुला रहा। निवेशकों ने 2 दिनों की बढ़त के बाद आज सावधानी के साथ कारोबार किया। कमजोर ग्लोबल संकेतों ने भी बाजार की सुस्ती में योगदान दिया। 7 मार्च को निफ्टी 22,550 के आसपास रहा कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 7.51 अंक या 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,332.58 पर था और निफ्टी 7.80 अंक या 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,552.50 पर बंद हुआ। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मंदी की चिंताओं ने घरेलू टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली को बढ़ावा दिया। जबकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट के बीच तेल और गैस और मेयल शेयरों में तेजी देखने को मिली।

इस हफ्ते कैसा रहा बाजार

इस हफ्ते बाजार में सकारात्मक रुख के साथ 2025 की सबसे बड़ी वीकली बढ़त देखने को मिली। निफ्टी ने 3 हफ्ते की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। इस सप्ताह इसमें करीब 2 फीसदी की बढ़त हुई। निफ्टी बैंक ने बढ़त दर्ज की, लेकिन अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन किया। इसमें वीकली बेसिस पर 0.4 प्रतिशत की बढ़त रही। ब्रॉडर मार्केट के रुख में बड़े बदलाव से मिडकैप इंडेक्स में करीब 3 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। इस सप्ताह सभी सेक्टोरल इंडेक्सों में बढ़त देखने को मिली। मेटल और पीएसयू इंडेक्स में सबसे अधिक बढ़त रही।


Market outlook : सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 10 मार्च को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी टैरिफ टैंट्रम और दूसरे देशों की ओर से जवाबी धमकियों के कारण अनिश्चितता का माहौल है। इस अस्पष्टता के कारण जोखिम से बचने का ट्रेंड बढ़ा है और इक्विटी का आकर्षण कम हुआ है। उभरते बाजारों पर इसका खासा असर पड़ा है। यहां से विदेशी पैसे की काफी निकासी हुई है। हाल ही में,एसएंडपी 500 इंडेक्स में और अधिक करेक्शन के संकेत मिल रहे हैं,जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर टैरिफ के संभावित प्रभाव के बारे में बढ़ती चिंता का संकेत है।

इसके विपरीत,भारतीय बाजारों ने हाल के ट्रेडवॉर के बावजूद मजबूती दिखाई है। इस बीच,कॉर्पोरेट आय में सुधार से घरेलू भावनाओं में काफी सुधार हो सकता है। आय में स्थिरता और करेक्शन के बाद अच्छे हुए वैल्युएशन को देखते हुए निवेशक लार्ज कैप शेयरों पर ज्यादा फोकस कर सकते हैं।

 

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