फर्टिलाइजर्स शेयरों को 16 जून को पंख लग गए। इसकी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने की उम्मीद है। इससे रॉ मैटेरियल्स की सप्लाई को लेकर फर्टिलाइजर्स कंपनियों की चिंता दूर होगी। अमेरिका-ईरान में डील हो गई है। इस पर इस हफ्ते के आखिर में हस्ताक्षर होंगे।
फर्टिलाइजर्स शेयरों को 16 जून को पंख लग गए। इसकी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने की उम्मीद है। इससे रॉ मैटेरियल्स की सप्लाई को लेकर फर्टिलाइजर्स कंपनियों की चिंता दूर होगी। अमेरिका-ईरान में डील हो गई है। इस पर इस हफ्ते के आखिर में हस्ताक्षर होंगे।
FACT के शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल
इंडिया के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का दोबारा खुलना अच्छी खबर है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज न सिर्फ क्रूड बल्कि पॉलीमर्स, कंस्ट्रक्शन इनपुट्स, फर्टिलाइजर्स और बुलियन की सप्लाई के लिए अहम है। 16 जून को FACT के शेयरो में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला। एक समय यह 14 फीसदी तक चढ़ गया था। 1 बजे यह 13.58 फीसदी उछाल के साथ 1,029 रुपये पर चल रहा था।
इन फर्टिलाइजर शेयरों में भी तेजी
चंबल फर्टिलाइजर्स का शेयर 3.64 फीसदी चढ़कर 491 रुपये चल रहा था। राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स का शेयर 4 फीसदी और गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स का शेयर 3 फीसदी ऊपर चल रहा था। फर्टिलाइजर्स कंपनियां एनहायड्रस अमोनिया और सल्फर का काफी इंपोर्ट करती हैं, जिनका इस्तेमाल फर्टिलाइजर्स के उत्पादन में होता है।
इनपुट्स की सप्लाई में बाधा से प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ती है
अमोनिया और सल्फर की सप्लाई में बाधा आने पर फर्टिलाइजर्स कंपनियों की प्रोडक्ट्शन कॉस्ट बढ़ जाती है। इसका असर देश में फर्टिलाइजर्स की उपलब्धता पर भी पड़ती है। खरीफ की बुआई सीजन को देखते हुए फर्टिलाइजर्स की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है। फर्टिलाइजर्स मिनिस्ट्री के मुताबिक, फर्टिलाइजर्स लेकर भारत आने वाले 16 जहाज स्ट्रे्ट ऑफ होर्मजु में फंसे हैं।
भारत आ रहे कई जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे
फर्टिलाइजर्स मिनिस्ट्री में ज्वाइंट सेक्रेटरी बंदना प्रेयसी ने बताया कि 3,30,000 टन यूरिया लेकर आ रहे 8 जहाज, 2,57,000 डी-अमोनिया फॉस्फेट लेकर आ रहे 4 जहाज, 1,10,000 टन सल्फर लेकर आ रहे तीन जहाज और अमोनिया लेकर आ रहा एक जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हैं। खरीफ सीजन में घरेलू मांग पूरी करने के लिए भारत पहले से ही यूरिया सहित 50 लाख न्यूट्रिएंट्स का इंपोर्ट कर चुका है।
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इंडिया फर्टिलाइजर्स का काफी इंपोर्ट करता है
फर्टिलाइजर्स की अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा भारत इंपोर्ट से पूरा करता है। इंपोर्ट में किसी तरह की रुकावट आने पर देश में फर्टिलाइजर्स की कमी का खतरा पैदा होता है। इसका असर देश में कृषि उत्पादन पर पड़ता है। आज भी आबादी का एक बड़ा हिस्सा जीविकोपार्जन के लिए कृषि पर निर्भर है।
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