F&O Manual: आईटी दिग्गजों की पहली तिमाही के नतीजों से पहले आज बाजार पॉजिटिव के साथ खुले। फिलहाल 1.15 बजे के आसपास 114.60 अंक यानी 0.59 फीसदी की बढ़त के साथ 19470.50 पर कारोबार कर रहा था। जबकि बैंक निफ्टी भी 0.44 फीसदी बढ़कर 45056.80 पर कारोबार कर रहा था। मार्च के बाद से ही बाजार में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति ने अच्छी तरह से काम किया है। निफ्टी में 20-डे ईएमए से ऊपर बने रहने के दौरान 400 अंक से ज्यादा का करेक्शन नहीं आया है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि वर्तमान स्तर से किसी भी गिरावट को नकारात्मक रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। बल्कि इस तरह की किसी गिरवाट में नई खरीदारी के मौके तलाशने चाहिए। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि निफ्टी के 19100 को सपोर्ट को तोड़ने की संभावना नहीं है।
ऑप्शन के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि आज के दिन पुट ऑप्शन राइटर्स का दबदबा है। 19400 बड़ा सपोर्ट स्तर बन गया है। वहीं, ऊपर की ओर 19600-19700 तत्काल प्रतिरोध का काम कर सकते हैं।
निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। कॉल और पुट राइटर्स दोनों ही बैंक निफ्टी में 45000 की स्ट्राइक पर बढ़त हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिसके चलते 45000 के स्तर पर भारी मात्रा में स्ट्रैडल पोजीशन देखने को मिल रही है। ऊपर की ओर, 45300 के एक मजबूत प्रतिरोध के रूप में कार्य करने की संभावना है। जबकि नीचे की ओर 44800 पर सपोर्ट दिख रहा है।
बैंक निफ्टी की दिशा साफ नहीं
एल्गोरिथम आधारित कंसल्टिंग फर्म हेज्ड के संस्थापक और सीईओ राहुल के घोष का कहना है कि बैंक निफ्टी की रेंज 44000 और 45500 के बीच बनी हुई। जब तक हमें 45000 पीई स्ट्राइक पर पुट राइटर्स में तेज बढ़त नहीं दिखती तब तक यह रेंज जुलाई की मंथली एक्पायरी के लिए भी सही साबित हो सकती है। उनका सुझाव है कि समय बैंक निफ्टी की दिशा साफ नहीं है। ऐसे में तेजी या मंदी का अंदाजा लगाकर ट्रेड लेना सही नहीं होगा। ऐसे में ट्रेडर्स को ऑफसेट के साथ शॉर्ट स्ट्रैडल शुरू करने की सलाह दी जाती है।
टाटाकॉम, एचडीएफसी में लॉन्ग बिल्डअप
अलग-अलग स्टॉक्स पर नजर डालें तो टाटाकॉम, एचडीएफसी, पॉलीकैब और आरबीएल बैंक में लॉन्ग बिल्डअप देखने को मिला।लॉन्ग बिल्ड-अप तब होता है जब शेयर की कीमत और ओपन इंटरेस्ट एक साथ बढ़ते हैं। ये एक पॉजिटिव संकेत है।
दीपक नाइट्रेट, यूपीएल और पीआई इंडस्ट्रीज में शॉर्ट बिल्डअप
वहीं, दूसरी तरफ दीपक नाइट्रेट, यूपीएल और पीआई इंडस्ट्रीज में शॉर्ट बिल्डअप देखने को मिला है। शॉर्ट बिल्ड-अप तब होता है जब ओपन इंटरेस्ट बढ़ता है लेकिन स्टॉक की कीमत में गिरावट आती है। यह शेयरों में गिरावट का संकेत है।
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