तंग लोन-टू-डिपॉजिट अनुपात (एलडीआर) के इस माहौल में भी फेडरल बैंक दूसरे मिडकैप बैंको की तुलना में ज्यादा मजबूत दिख रहा है। फेडरल बैंक की इसी खासियत ने विदेशी ब्रोकिंग फर्म जेपी मॉर्गन को इस स्टॉक की तरफ आकर्षित किया है। जेपी मॉर्गन ने फेडरल बैंक को ओवरवेट रेटिंग देते हुए, 150 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ इसकी कवरेज शुरू की है। जेपी मॉर्गन का कहना है कि अगले 12 महीनों में इस स्टॉक में 20 फीसदी तेजी देखने को मिल सकती है। जेपी मॉर्गन की तरफ से फेडरल बैंक पर जारी अपनी शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक के बुक में रिटेल डिपॉजिट का हिस्सा 75 फीसदी है। ऐसे में फेडरल बैंक दूसरे बैंकों की तुलना में ग्रोथ के नजरिए से ज्यादा बेहतर दिख रहा है।
स्टॉक के चाल की बात करें तो फेडरल बैंक एनएसई पर आज 0.60 रुपए यानी 0.47 फीसदी की गिरावट के साथ 126.15 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इस स्टॉक का दिन का हाई 127.60 पैसे और दिन का लो 124.50 पैसे है। स्टॉक का 52 वीक हाई 143.40 रुपए और 52 वीक लो 82.50 रुपए है। स्टॉक का वॉल्यूम 9,669,660 शेयर और मार्केट कैप 26,701 रुपए है। पिछले 1 हफ्ते में इस शेयर में 0.20 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। जबकि पिछले एक महीने में इसमें 4.21 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। इस साल अब तक ये शेयर 9.28 फीसदी टूटा है। जबकि 1 साल में इस स्टॉक ने 51.17 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले तीन साल में फेडरल बैंक ने 229.80 फीसदी रिटर्न दिया है।
जेपी मॉर्गन का कहना है कि फेडरल बैंक के ROA (रिटर्न ऑन एसेट ) की तुलना दूसरे प्राइवेट बैंकों तो करें तो इसमें 50 बेसिस प्वाइंट की अंतर देखने को मिलता है। इस बड़ी वजह एसेट पर लोअर रिस्क एडजस्टेड यील्ड और लोअर नॉन-इंटरेस्ट इनकम है। जेपी मॉर्गन का ये भी कहना है कि अगर आगे महंगाई में कमी आती है और आरबीई की दरें घटती हैं तो फेडर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में अच्छी मजबूती आएगी।
जेपी मॉर्गन की राय है कि अगले तीन सालों में फेडरल बैंक के EPS (earnings per share) में 16 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं, वित्त वर्ष 2024-26 की अवधि में बैंक ROA (रिटर्न ऑन एसेट ) में 1.25-1.3 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है। जबकि इस अवधि में बैंक की लोन ग्रोथ सालाना 15 फीसदी पर रह सकती है।
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