FII Buying and Selling: पिछले महीने जून के आखिरी दो हफ्ते में नेट बायर्स होने के बाद इस महीने के पहले हाफ में FIIs (फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) यानी विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट में खरीदारी बढ़ाई। जुलाई के पहले दो हफ्तों में उन्होंने कंज्यूमर सर्विसेज, मेटल्स और माइनिंग, हेल्थकेयर, रियल्टी और फाइनेंशियल्स सेक्टर्स को अधिक पसंद किया। जुलाई के पहले पखवाड़े में विदेशी निवेशकों ने लगभग ₹15,559 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इससे पहले जून के दूसरे पखवाड़े में उन्होंने ₹14,105 करोड़ का शुद्ध निवेश किया था। विदेशी निवेशकों ने बेहतर वैल्यूएशन, अमेरिका–ईरान के बीच तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और AI से जुड़े शेयरों में गिरावट के चलते भारतीय मार्केट में वापसी की है।
FIIs ने किन सेक्टर में की ताबड़तोड़ खरीदारी
जून के दूसरे हाफ में ₹3,081 करोड़ की नेट खरीदारी के बाद जुलाई के पहले हाफ में भी विदेशी निवेशकों ने कंज्यूमर सर्विसेज में ₹7,361 करोड़ का शुद्ध निवेश किया। कंज्यूमर सर्विसेज सेगमेंट एफआईआई की सबसे बड़ी पसंद बनी हुई है।
विदेशी निवेशकों का रुझान मेटल्स और माइनिंग में तेजी से बदला है। जून के आखिरी हाफ में ₹4,370 करोड़ की बिक्री के बाद इस महीने के पहले हाफ में ₹5,993 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की।
हेल्थकेयर और सर्विसेज सेक्टर में भी विदेशी निवेशकों ने तगड़ा निवेश किया। जून के दूसरे हाफ में ₹1,435 करोड़ के निवेश की तुलना में विदेशी निवेशकों ने हेल्थकेयर में जुलाई के पहले हाफ में ₹4,101 करोड़ डाले। हालांकि सर्विसेज सेक्टर में निवेश थोड़ा कम हुआ और ₹2,592 करोड़ से घटकर ₹2,405 करोड़ रहा।
इस महीने विदेशी निवेशकों की पसंद कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, फाइनेंशियल्स और कंस्ट्रक्शन मैटेरियल्स भी बनी रही। विदेशी निवेशकों ने इस महीने के पहले हाफ में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में ₹2,384 करोड़, रियल्टी और फाइनेंशियल्स में ₹1,975-₹1975 करोड़ और कंस्ट्रक्शन मैटेरियल्स में ₹1,574 करोड़ डाले। पिछले महीने के आखिरी हाफ में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में विदेशी निवेशकों ने ₹2,564 करोड़, रियल्टी में ₹1,893 करोड़ और फाइनेंशियल्स में ₹14,634 करोड़ डाले थे तो कंस्ट्रक्शन मैटेरियल्स से ₹850 करोड़ की निकासी की थी।
इन सेक्टर्स में की विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली
इस महीने के पहले हाफ में विदेशी निवेशकों ने ऑटो, कैपिटल गुड्स, टेलीकॉम, पावर और एफएमसीजी स्टॉक्स में बिकवाली की और जून के दूसरे हाफ की बिक्री को और बढ़ाया। सबसे अधिक बिकवाली ऑटो सेक्टर से की जिससे जून के दूसरे हाफ में ₹1,324 करोड़ की तुलना में इस महीने के पहले हाफ में ₹6,936 करोड़ की निकासी की। इस दौरान विदेशी निवेशकों की कैपिटल गुड्स से निकासी ₹1,267 करोड़ से बढ़कर ₹2,657 करोड़ और टेलीकॉम सेक्टर से ₹1,106 करोड़ से ₹2,454 करोड़ की निकासी की।
क्या कहना है ब्रोकरेज का?
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह खरीदारी ऐसे समय में हो रही है, जब भारतीय इक्विटी में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी कई सालों के निचले स्तर के करीब है। इससे निवेशकों के पास पिछले कुछ सालों में कम की गई हिस्सेदारी को फिर से बढ़ाने का काफी मौका है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि यह निवेश न सिर्फ सेंटीमेंट में सुधार का संकेत है, बल्कि यह एक पोजिशनिंग ट्रेड भी है क्योंकि निवेशक बाजार में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।