अमेरिका-ईरान-इज़राइल संघर्ष बढ़ने के बाद से विदेशी निवेशकों ने भारत के सेकेंडरी बाज़ारों से 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम निकाल ली है। तेल की कीमतें बढ़ने और मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता को लेकर बढ़ी चिंताएंओं ने विदेशी निवेशकों का मूड खराब किया है। ताजे आंकड़ों के मुताबिक FIIs ने 26 फरवरी से 20 मार्च के बीच भारत के सेकेंडरी मार्केट में 1,00,040 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। लगभग 16 कारोबारी सत्रों दिनों में (जिनमें से हर दिन छह घंटे का था) यह आउटफ्लो मोटे तौर पर हर ट्रेडिंग घंटे में 1,000 करोड़ रुपये के आसपास रहा। 2026 में अब तक कुल 50 ट्रेडिंग सेशन में से 33 में FII की बिकवाली देखने को मिली है।
