अप्रैल में भी विदेशी निवेशकों ने की भारी बिकवाली, पर इन सेक्टर्स पर दिखाया भरोसा; जानिए कहा आया फ्रेश पैसा
FII outflow: वित्तीय सेवाओं और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली की रफ्तार सबसे तेज है। इसके पीछे मुख्य रूप से MTM घाटे का डर है। मार्च और अप्रैल के दौरान सरकारी बॉन्ड यील्ड 7% के ऊपर बनी रही। इसके कारण बैंकों के सरकारी प्रतिभूति पोर्टफोलियो पर घाटे की संभावना बढ़ गई है
साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से कुल ₹2 लाख करोड़ की निकासी कर चुके हैं
FIIs Selling: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FIIs) का बिकवाली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अप्रैल 2026 के दूसरे पखवाड़े (16-30 अप्रैल) में विदेशी निवेशकों ने फाइनेंशियल सेक्टर से ₹11700 करोड़ से अधिक के शेयर बेच दिए हैं। साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से कुल ₹2 लाख करोड़ की निकासी कर चुके हैं। वैसे भारी बिकवाली के बीच FIIs ने कुछ चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी भी की है।
फाइनेंशियल सेक्टर पर क्यों है दबाव?
वित्तीय सेवाओं और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली की रफ्तार सबसे तेज है। इसके पीछे मुख्य रूप से 'मार्क-टू-मार्केट' (MTM) घाटे का डर है। मार्च और अप्रैल के दौरान सरकारी बॉन्ड यील्ड 7% के ऊपर बनी रही। इसके कारण बैंकों के सरकारी प्रतिभूति (G-Sec) पोर्टफोलियो पर घाटे की संभावना बढ़ गई है। भारतीय रिजर्व बैंक रुपये को रिकॉर्ड निचले स्तरों से बचाने के लिए करेंसी मार्केट में हस्तक्षेप कर रहा है। इससे मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है और वित्तीय स्थिति सख्त हो रही है।
इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के कारण बैंकों के आने वाले तिमाहियों के मुनाफे पर दबाव भी दिखने की आशंका है।
इन सेक्टर्स में भी हुई जमकर बिकवाली
सिर्फ बैंकिंग ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख सेक्टर्स में भी FIIs ने अपना पैसा निकाला है:
तेल और गैस: अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में ₹3,351 करोड़ की बिकवाली हुई।
IT सेक्टर: IT शेयरों से ₹2,887 करोड़ निकाले।
हेल्थकेयर और कंज्यूमर सर्विसेज: इन क्षेत्रों से ₹2,445 करोड़ और ₹2,434 करोड़ के शेयर बेचे गए।
ऑटो और टेलीकॉम: ऑटो सेक्टर से ₹1,775 करोड़ और टेलीकॉम से ₹1,908 करोड़ की निकासी हुई।
बिकवाली के बीच कुछ सेक्टर्स में दिखाया 'भरोसा'
इतनी भारी बिकवाली के बीच विदेशी निवेशकों ने कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी भी की है:
पावर: इस सेक्टर में ₹4,956 करोड़ का निवेश आया।
कैपिटल गुड्स: यहां ₹4,667 करोड़ की खरीदारी दर्ज की गई।
मेटल्स और कंस्ट्रक्शन: मेटल सेक्टर में ₹2,416 करोड़ और कंस्ट्रक्शन के शेयरों में ₹2,199 करोड़ का नया निवेश आया है।
बिकवाली के 3 सबसे बड़े कारण
जियोपॉलिटिकल तनाव: अमेरिका-ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है।
महंगा क्रूड ऑयल: कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार जाने से महंगाई और राजकोषीय घाटे का डर बढ़ गया है।
AI का अभाव: विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े बड़े निवेश अवसरों की कमी भी विदेशी निवेशकों को अन्य बाजारों की ओर खींच रही है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।