FMCG कंपनियों पर Q3 में महंगाई की मार, वॉल्यूम-ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर असर पड़ने की आशंका

कई FMCG कंपनियों के रेवेन्यू में कम सिंगल डिजिट बढ़त की उम्मीद है। इसका एक कारण यह हो सकता है कि कई कंपनियों ने दिसंबर तिमाही में कोपरा, वनस्पति तेल और पाम ऑयल जैसे प्रोडक्ट्स की बढ़ती लागत के कारण कीमतों में बढ़ोतरी का विकल्प चुना है

अपडेटेड Jan 05, 2025 पर 4:06 PM
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FMCG कंपनियों के ग्रॉस मार्जिन में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान गिरावट आने की आशंका है।

FMCG कंपनियों के ग्रॉस मार्जिन में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान गिरावट आने की आशंका है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हाई इनफ्लेशन, हायर इनपुट कॉस्ट और प्राइसिंग संबंधी उपायों के चलते इन कंपनियों की बिक्री पर असर पड़ेगा। इसके अलावा इन कंपनियों का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी काफी कम या स्थिर रह सकता है। कई एफएमसीजी कंपनियों के रेवेन्यू में कम सिंगल डिजिट बढ़त की उम्मीद है। इसका एक कारण यह हो सकता है कि कई कंपनियों ने दिसंबर तिमाही में कोपरा, वनस्पति तेल और पाम ऑयल जैसे प्रोडक्ट्स की बढ़ती लागत के कारण कीमतों में बढ़ोतरी का विकल्प चुना है।

कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई, जब हाई फूड इनफ्लेशन के कारण लोअर कंजप्शन ने अर्बन मार्केट को प्रभावित किया है। हालांकि, ग्रामीण बाजार जिसका टोटल FMCG मार्केट में वन-थर्ड से थोड़ा अधिक हिस्सा है, इससे आगे रहा है।

Dabur का बिजनेस अपडेट


Dabur और Marico जैसी कुछ लिस्टेड FMCG कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए अपने बिजनेस अपडेट जारी किए हैं। इसके आधार पर एनालिस्ट्स ने इन कंपनियों में फ्लैट या लो सिंगल डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद जताई है। डाबर को दिसंबर तिमाही में 'लो सिंगल-डिजिट ग्रोथ' की उम्मीद है। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट स्थिर रह सकता है। डाबर ने कहा, "कुछ सेगमेंट्स में मुद्रास्फीतिक दबाव देखने को मिला, जिसे आंशिक रूप से तकनीकी मूल्य वृद्धि और कॉस्ट एफिशिएंसी उपायों से कम किया जा सका।"

कंपनी ने कहा कि तीसरी तिमाही में FMCG सेक्टर के लिए ग्रामीण खपत बेहतर रही और यह शहरी क्षेत्र की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ी। कंपनी के पास डाबर च्यवनप्राश, डाबर हनी, डाबर पुदीनहरा, डाबर लाल तेल, डाबर आंवला, डाबर रेड पेस्ट, रियल और वाटिका जैसे ब्रांड हैं। कंपनी ने कहा कि अल्टरनेटिव चैनल मसलन मॉडर्न ट्रेड, ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स ने मजबूत ग्रोथ जारी रखी। वहीं जनरल ट्रेड, जिसमें मुख्य रूप से गली-मोहल्ले की किराना दुकानें शामिल हैं, को तिमाही के दौरान दबाव झेलना पड़ा।

Marico की ये है राय

Marico ने भी कुछ इसी तरह की राय जताते हुए कहा कि तिमाही के दौरान सेक्टर ने सतत मांग वृद्धि दर्ज की है। इस दौरान ग्रामीण खपत में सुधार हुआ है, जबकि पिछली तिमाही की तुलना में शहरी धारणा स्थिर रही है। घरेलू बाजार में बिक्री पर मैरिको ने कहा कि उसे तिमाही आधार पर दिसंबर तिमाही में कुछ बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि, ऊंची उत्पादन लागत की वजह से उसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट काफी कम रहेगा। मैरिको के पास सफोला, पैराशूट, हेयर एंड केयर, निहार और लिवॉन जैसे ब्रांड हैं।

नुवामा के अनुसार, इनफ्लेशन के दबाव, कम वेतन वृद्धि और हायर हाउसिंग रेंटल कॉस्ट के कारण अर्बन डिमांड चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कंपनी ने कहा कि शहरी बाजार में सुस्ती दो-तीन तिमाहियों तक और जारी रहेगी। हालांकि, ग्रामीण बाजार में कुछ सुधार होगा और यह शहरी मांग से बेहतर रहेगी।

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