अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के पॉजिटिव बयान से बाजार में शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी निचले स्तरों से 200 अंक से ज्यादा सुधरकर 25650 के करीब पहुंच गया है। बैंक निफ्टी नीचे से 450 अंक चढ़कर हरे निशान में आ गया है। ICICI बैंक, कोल इंडिया, एशियन पेंट और HUL ने बाजार में जोश भरा है, INDIA VIX करीब 7% उछला है। रियल्टी शेयरों में आज तगड़ी बिकवाली देखने को मिल रही है। निफ्टी का रियल्टी इंडेक्स 1.5 फीसदी से ज्यादा फिसला है। DLF और प्रेस्टीज दो से तीन फीसदी फिसले हैं। फार्मा में डिवीज और लॉरेस लैब्स 3 फीसदी टूटे हैं। लेकिन चुनिंदा मेटल, FMCG और चुनिंदा NGFCs में खरीदारी देखने को मिल रही है।
अमेरिकी राजदूत नामित सर्जियो गोर के एक बयान ने आज बाजार में डाली जान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और अमेरिकी राजदूत नामित सर्जियो गोर के एक बयान ने आज बाजार में जान डाल दी है। गोर ने आज कहा कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील पर कल फिर से बातचीत शुरू होगी। गोर ने कहा कि 1-2 साल में प्रेसिडेंट ट्रंप भारत आएंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और अमेरिकी राजदूत नामित सर्जियो गोर 9 जनवरी को ही भारत पहुंच गए थे। वे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच अपने अपने कार्यकाल की शुरुआत करेंगे। सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर करते हुए उन्होंने कहा था कि भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है।
अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील पर कल फिर से शुरू होगी बातचीत
बाजार का सेंटिमेंट आज सर्जियो गोर ने संभाला है। कल पदभार संभालने के बाद आज पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील पर कल फिर से बातचीत शुरू होगी। उनका फोकस भारत-US की साझेदारी को आगे बढ़ाने पर है। अमेरिका के लिए भारत से महत्वपूर्ण कोई पार्टनर नहीं है। आने वाले समय में भारत–US संबंध सबसे निर्णायक साबित होंगे। PAX SILICA समूह में भारत को शामिल करेंगे। अगले महीने भारत को इसमें शामिल होने का आमंत्रण दिया जाएगा।
बता दें कि PAX SILICA क्रिटिकल मिनिरल के लिए बनाया गया US की अगुवाई वाला एक समूह है। इसके जरिए सहयोगी देशों और भरोसेमंद पार्टनर्स के बीच नई आर्थिक सुरक्षा सहमति बनाने पर काम किया जा रहा है। यह समझौता आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटिंग की नींव पर बना है। अमेरिकी अगुवाई वाली ये पहल एक सुरक्षित, लचीले और इनोवेशन-आधारित टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम पर आधारित हैं। इसमें रेयर अर्थ मिनरल्स और एनर्जी कंपोंनेंट्स से लेकर सेमीकंडक्टर, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स तक पूरी वैल्यू चेन को शामिल किया गया है।
इसका लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए जरूरी मटीरियल और क्षमताओं को बनाए रखना और सहयोगी देशों में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी विकसित करना और उसे लागू करवाने में मदद देना है। इसमें पहले भारत को शामिल नहीं किया गया था। इस समूह में अमेरिका के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, ब्रिटेन, इजरायल, यूएई और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।