FIIs: विदेशी निवेशकों की जबरदस्त वापसी, 5 दिनों में भारतीय शेयर बाजार में डाले ₹23,000 करोड़

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की जबरदस्त वापसी देखने को मिली है। पिछले पांच कारोबारी दिनों में (25 मार्च तक) विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 23,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। विदेशी निवेशकों ने पिछले एक महीने में पहली बार 18 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से खरीदारी की। इसके बाद उन्होंने लगातार चार दिन तक जमकर खरीदारी की

अपडेटेड Mar 26, 2025 पर 9:45 AM
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FIIs साल 2025 में अब तक भारतीय बाजार से ₹1.49 लाख करोड़ की बिकवाली कर चुके हैं

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की जबरदस्त वापसी देखने को मिली है। पिछले पांच कारोबारी दिनों में (25 मार्च तक) विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 23,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। विदेशी निवेशकों ने पिछले एक महीने में पहली बार 18 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से खरीदारी की। इसके बाद उन्होंने लगातार चार दिन तक जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार में नया जोश देखने को मिली। FII की इस वापसी ने भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 और सेंसेक्स को करेक्शन जोन से बाहर निकालने में मदद की।

विदेशी निवेशकों की बाजार में वापसी के पीछे घटी हुई वैल्यूएशन, मजबूत रुपया, महंगाई दर में कमी और भारत की मजबूत इकनॉमिक स्थिति को माना जा रहा है। मंगलवार 25 मार्च को विदेशी निवेशकों ने ₹19,066.28 करोड़ के शेयर खरीदे और ₹13,694.71 करोड़ के शेयर बेचे। दिलचस्प बात यह है कि 18 मार्च को FIIs की वापसी के साथ ही बड़ी मात्रा में शॉर्ट कवरिंग भी देखी गई। डेटा से पता चला है कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में 220 शेयरों में से 101 शेयरों में FIIs ने शॉर्ट कवरिंग की।

अब भी कुल मिलाकर बिकवाल बने हुए हैं विदेशी निवेशक

हालांकि, इस तगड़ी खरीदारी के बावजूद, FIIs साल 2025 में अब तक भारतीय बाजार से ₹1.49 लाख करोड़ की बिकवाली कर चुके हैं। लेकिन एनालिस्ट्स का मानना है कि अब निवेशकों के सेंटीमेंट में बदलाव आ रहा है और आने वाले महीनों में भारतीय शेयर बाजार में FIIs की भागीदारी और बढ़ सकती है।


क्यों हो रही थी पहले बिकवाली?

कुछ हेज फंड शॉर्ट-टर्म रणनीतियों के तहत बाजार से बाहर निकल चुके हैं। वहीं, कुछ निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो को चीन और दूसरे उभरते बाजारों की ओर ट्रांसफर कर दिया था, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव बना था। लेकिन अब, वैल्यूएशन में स्थिरता आने के बाद निवेशकों का सेंटीमेंट पॉजिटिव होता दिख रही है।

Bay Capital Investment Advisors के मैनेजिंग पार्टनर केयूर मजमुदार ने कहा, "पिछले साल कई विदेशी निवेशक भारत में ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चिंतित थे। लेकिन अब जब वैल्यूएशन अधिक आकर्षक हो गए हैं, तो निवेशकों का रुख भारतीय बाजारों की ओर लौट रहा है।" जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का मानना है कि FIIs की वापसी ने रिटेल निवेशकों में भी आत्मविश्वास बढ़ाया है। इससे छोटे और मिडकैप शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी है।

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