देल्हीवेरी के रेवेन्यू में लगातार ग्रोथ देखने को मिली है। कंपनी ने नेटवर्क के विस्तार पर फोकस बनाए रखा है। इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 8 फीसदी बढ़कर 2,378 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी के कोर एक्सप्रेस पार्सल बिजनेस में स्थिरिता दिखी। रेवेन्यू में पार्ट ट्रक लोड (पीटीएल) के अच्छे प्रदर्शन का योगदान रहा। सप्लाई चेन सर्विसेज बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहा।
एक्सप्रेस पार्सल सेगमेंट का रेवेन्यू 3 फीसदी बढ़ा
एक्सप्रेस पार्सल बिजनेस में खर्च बढ़ने का असर EBITDA मार्जिन पर देखने को मिला। Delhivery के रेवेन्यू में एक्सप्रेस पार्सल सेगमेंट की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। इस बिजनेस का वॉल्यूम फ्लैट रहा। इसकी वजह मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और घरेलू बाजार में सुस्त कंजम्प्शन रहा। ई-कॉमर्स कंपनी मेशो ने इन-हाउस डिलीवरी प्लेटफॉर्म से सोर्सिंग बढ़ाई है। इसका असर देल्हीवेरी के बिजनेस वॉल्यूम पर पड़ा है। हालांकि, तीसरी तिमाही में एक्सप्रेस पार्सल सेगमेंट का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 3 फीसदी बढ़कर 1,488 करोड़ रुपये रहा।
वॉल्यूम में अच्छी ग्रोथ की संभावना
व्हीकल रेंटल एक्सपेंसेज बढ़ने का असर भी देल्हीवेरी के मार्जिन पर पड़ा। उधर, कमजोर डिमांड के बीच भी पीटीएल फ्रेट का प्रदर्शन तीसरी तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान तिमाही ट्रेड वॉल्यूम 412 हजार रहा, जो साल दर साल आधार पर 17 फीसदी ग्रोथ है। रियलाइजेशन बेहतर रहने से पीटीएल बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 22 फीसदी रही। कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि अगले 12-18 महीनों में वॉल्यूम में तेजी जारी रह सकती है।
स्टॉक 52 हफ्ते के निचले स्तर पर
कंपनी के सप्लाई चेन सॉल्यूशन सेगमेंट का प्रदर्शन दूसरे बिजनेस के मुकाबले बेहतर रहा। इस सेगमेंट की रेवेन्यू ग्रोथ 29 फीसदी रही। इस सेगमेंट का आउटलुक स्ट्रॉन्ग नजर आता है। इसमें नए क्लाइंट्स की बढ़ती संख्या और मजबूत ऑर्डर का हाथ है। इस महीने Delhivery का स्टॉक गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया। इसमें स्टॉक मार्केट में आए करेक्शन का बड़ा हाथ है।
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क्या आपको निवेश करना चाहिए?
देल्हीवेरी का मार्केट कैपिटलाइजेशन अब 20,000 करोड़ रुपये से नीचे आ गया है। यह कंपनी 2022 में स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई थी। कंपनी ने 487 रुपये के प्राइस पर आईपीओ में निवेशकों को शेयर एलॉट किए थे। कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले प्रीमियम के साथ 541 रुपये पर लिस्ट हुए थे। लेकिन, उसके बाद से यह स्टॉक लगातार कमजोर हुआ है। तब से यह स्टॉक 52 फीसदी टूट चुका है। 25 मार्च को यह स्टॉक 258 रुपये पर बंद हुआ। इस प्राइस पर लंबी अवधि के लिहाज से इस स्टॉक में निवेश किया जा सकता है।