उम्मीद के मुताबिक ही अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने 15 महीने की बढ़ोतरी के बाद ब्याज दरों में बढ़त पर विराम लेने का फैसला लिया है। लेकिन साल के अंत से पहले दो-चौथाई फीसदी की संभावित बढ़ोतरी के ऐलान से बाजार के माथे पर बल पड़ते दिखे हैं। इस बीच, चीन के केंद्रीय बैंक ने 10 महीनों के बाद अपने अहम मीडियम टर्म लेंडिंग रेट में 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर दी है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट आनंद टंडन को चीन के इस कदम से विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के चीनी बाजारों की ओर रुख करने की संभावना नहीं नजर आ रही है। बता दें कि भारतीय इक्विटी बाजार में पिछले तीन महीनों से एफआईआई की तरफ से जोरदार खरीदारी देखने को मिल है। जिसके चलते भारतीय बाजार दुनिया के दूसरे बाजारों की तुलना में काफी अच्छी स्थिति में दिख रहे हैं।
