FIIs & DIIs Trades : एफआईआई ने 11 अप्रैल को 2,519 करोड़ के शेयर बेचे, डीआईआई ने 3,759 करोड़ रुपये खरीदे

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा चीन को छोड़कर अन्य देशों पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ से पीछे हटने के पीछे का कारण बताते हुए Geojit Financial Services के वीके विजयकुमार ने कहा कि इसमें अमेरिकी बॉन्ड बाजार का हाथ था। जहां अमेरिकी ट्रेजरी में सुरक्षित निवेश की बजाय, बड़ी बिकवाली हुई। इससे 10 साल के बॉन्ड का यील्ड 4.5 प्रतिशत तक बढ़ गया

अपडेटेड Apr 12, 2025 पर 10:50 AM
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FIIs & DIIs Trades : शुक्रवार 11 अप्रैल को भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों ने 2,519 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। इस बीच, घरेलू संस्थानों ने फिर से सहारे के लिए कदम बढ़ाया और 3,759 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे

FIIs & DIIs Trades : भारतीय बाजारों से शुक्रवार 11 अप्रैल को विदेशी निवेशकों ने 2,519 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। जो उनकी बिकवाली का लगातार नौवां सत्र था। इस बीच, घरेलू संस्थानों ने फिर से सहारे के लिए कदम बढ़ाया और 3,759 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। 11 अप्रैल के कारोबारी सत्र के दौरान, एफआईआई (FIIs) ने 18,058 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 20,578 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। डीआईआई (DIIs) ने 14,129 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 10,370 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस साल अब तक, एफआईआई 1.74 लाख करोड़ रुपये के शेयरों के शुद्ध विक्रेता रहे हैं, जबकि डीआईआई ने 2.06 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ पर 90 दिनों की रोक से दलाल स्ट्रीट में खुशी की लहर दौड़ गई। निवेशकों के सेंटीमेंट्स में सुधार हुआ और बेंचमार्क इंडेक्सेस में तेजी आई। लिहाजा 11 अप्रैल को, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे इक्विटी बाजारों में मजबूत उछाल आया।

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इस दिन सभी सेक्टर्स में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। इसमें मेटल और फार्मा शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। इस बीच, बाजार के डर के बैरोमीटर, इंडिया VIX में 6.21 प्रतिशत की तेज गिरावट आई, जो निवेशकों की चिंता कम होने का संकेत दे रहा है।

हालांकि, छुट्टियों की वजह से इस छोटे हफ्ते के लिए, निफ्टी और सेंसेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी एफएमसीजी को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर्स में गिरावट आई। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल इंडेक्स इस सप्ताह के लिए सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले रहे, जिनमें 3-4 प्रतिशत की गिरावट आई। जबकि निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में इस हफ्ते 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।

Geojit Financial Services के वीके विजयकुमार ने कहा "वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए यह तेजी एक स्तर से आगे जारी रहने की संभावना नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा चीन को छोड़कर अन्य देशों पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ से पीछे हटने के पीछे अमेरिकी बॉन्ड बाजार का हाथ था। जहां अमेरिकी ट्रेजरी में सुरक्षित निवेश की बजाय, बड़ी बिकवाली हुई। इससे 10 साल के बॉन्ड का यील्ड 4.5 प्रतिशत तक बढ़ गया।"

उन्होंने कहा कि वर्तमान अनिश्चित संदर्भ में बाजार में निरंतर तेजी की कोई गुंजाइश नहीं है। लेकिन निवेशक इस तथ्य से राहत महसूस कर सकते हैं कि भारतीय मैक्रो अच्छे हैं और हम इस ट्रेड वार में सबसे कम प्रभावित होने वाले देशों में से एक हैं।

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

 

 

 

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