फॉक्सकॉन ने हैदराबाद में एप्पल एयरपॉड्स का उत्पादन किया शुरू, जल्द ही बेंगलुरु की नई इकाई में बढ़ेगा iPhone का प्रोडक्शन : सूत्र

यह खबर ऐसे समय में आई है जब एप्पल भारत को अपने एक स्ट्रेटेजिक प्रोडक्शन सेंटर के रूप में दोगुना बढ़ाने जोर दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ वार के बीच भारत को चीन के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है

अपडेटेड Apr 30, 2025 पर 1:32 PM
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ वार के बीच भारत को चीन के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है। अमेरिका ने चीन की कुछ चीजों पर 100 फीसदी से ज्यादा टैरिफ लगा दिया है

मनीकंट्रोल को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक ताइवानी कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरर फॉक्सकॉन ने एक्सपोर्ट के लिए हैदराबाद की अपनी उत्पादन इकाई में एप्पल एयरपॉड्स का उत्पादन शुरू कर दिया है। जबकि बेंगलुरु में इसका नया,बड़ा संयंत्र भारत में आईफोन उत्पादन को बढ़ाने के लिए जल्द ही कामकाज शुरू करने वाला है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब एप्पल भारत को अपने एक स्ट्रेटेजिक प्रोडक्शन सेंटर के रूप में दोगुना बढ़ाने जोर दे रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ वार के बीच भारत को चीन के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है। अमेरिका ने चीन की कुछ चीजों पर 100 फीसदी से ज्यादा टैरिफ लगा दिया है। इससे सप्लाई चेन की स्थिरता को खतरा हो सकता है और आईफोन की कीमतें बढ़ सकती हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए भारत में एप्पल के प्रोडक्ट्स का उत्पादन बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।

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मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के मुताबिकफॉक्सकॉन की हैदराबाद स्थित नई इकई में एक्सपोर्ट के लिए एप्पल एयरपॉड्स का उत्पादन शुरू हो गया है। नई बेंगलुरु इकाई में भी जल्द ही आईफोन का उत्पादन शुरू हो जाएगा। यह इकाई भारत से निर्यात बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस नए प्लांट की अधिकतम क्षमता 20 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष होगी।

बेंगलुरु के पास देवनहल्ली में स्थित कर्नाटक इकाई चीन के बाहर फॉक्सकॉन का दूसरा सबसे बड़ा प्लांट होगा, जिसे 2.8 बिलियन डॉलर (25,000 करोड़ रुपये) के निवेश से स्थापित किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक फॉक्सकॉन ने भारत में आईफोन 17 सीरीज का ट्रायल उत्पादन शुरू कर दिया है, जबकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भी नई लाइनअप के लिए केसिंग जैसे कम्पोनेंट्स के ट्रायल उत्पादन में शामिल है।

होसुर में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की नई आईफोन फैक्ट्री ने भी काम करना शुरू कर दिया है और वर्तमान में पुरानी पीढ़ी के आईफोन को असेंबल किया जा रहा है। एक दूसरे सूत्र ने बताया है कि टाटा प्लांट आने वाले दिनों में शिपमेंट शुरू कर देगा। यहां आने वाले महीनों में उत्पादन बढ़ाया जाएगा। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉक्सकॉन के बाद एप्पल का दूसरा सप्लायर बन गया है। इसने ताइवानी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर पेगाट्रॉन और विस्ट्रॉन की भारत स्थित फैक्ट्रियों का अधिग्रहण कर लिया है।

टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता को मद्देनजर रखते हुए एप्पल ने हाल ही में भारत में उत्पादन बढ़ा दिया है। इसने मार्च में 2 बिलियन डॉलर मूल्य के आईफोन अमेरिका भेजे हैं जो टाटा और फॉक्सकॉन दोनों के लिए एक मासिक रिकॉर्ड है। सूत्रों के मुताबिक मार्च के उत्पादन का अधिकांश हिस्सा फॉक्सकॉन द्वारा किया गया था,नई इकाई के शुरू होने से टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की हिस्सेदारी बढ़ जाएगी। एनालिस्टों  का कहना है कि  नए कारखानों में आईफोन और एयरपॉड्स के उत्पादन में तेजी आने से एप्पल को चीन पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

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