FPIs Selling: विदेशी निवेशकों का पैसा निकालना जारी, अक्टूबर में बेचे अबतक ₹9,784 करोड़ के शेयर

FPIs Selling: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का भारतीय बाजार से पैसा निकालना अक्टूबर में भी जारी है। FPIs ने अभी तक शुद्ध रूप करीब 9,784 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे हैं। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने इस महीने तक 13 अक्टूबर तक करीब 13,652 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं

अपडेटेड Oct 14, 2023 पर 8:40 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
FPIs की ओर से फाइनेंशियल, पावर और आईटी शेयरों में बिकवाली का चलन जारी है

FPIs Selling: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का भारतीय बाजार से पैसा निकालना अक्टूबर में भी जारी है। FPIs ने अभी तक शुद्ध रूप करीब 9,784 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे हैं। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने इस महीने तक 13 अक्टूबर तक करीब 13,652 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। हालांकि दूसरी तरफ उन्होंने इस महीने अभी तक करीब 3,868 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे भी हैं। ऐसे में उन्होंने शुद्ध रूप से करीब 9,784 करोड़ रुपये की बिकवाली की है।

इससे पहले सितंबर में भी FPIs भारतीय बाजार में शुद्ध रूप से बिकवाल रहे थे। जानकारों का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़ोतरी, FPI की बिकवाली का प्रमुख कारण है।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, वीके विजयकुमार ने बताया कि FPIs की ओर से फाइनेंशियल, पावर और आईटी शेयरों में बिकवाली का चलन जारी है। वहीं दूसरी ओर वह कैपिटल गुड्स और ऑटोमोबाइल शेयरों को खरीद रहे हैं।


यह भी पढ़ें- Delta Corp को मिला ₹6,384 करोड़ का एक और टैक्स नोटिस, कुल टैक्स देनदारी 23,206 करोड़ पर पहुंची

उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्तर पर तमाम चुनौतियों के बावजूद भारतीय बाजार का प्रदर्शन लचीला बना हुआ है। ऐसे में FPIs के बीच यह धारणा बढ़ रही है कि वे बिकवाली जारी रखते हैं, तो वे भारतीय बाजार में संभावित तेजी का फायदा उठाने से चूक जाएंगे। विजयकुमार ने कहा कि यह कारण आने वाले दिनों में FPIs भारी बिकवाली करने से रोक सकता है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर इजराइल और हमास के बीच संघर्ष बढ़ता है और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आता है, तो वे आगे भी बेचना जारी रखता है। दरअसल खाड़ी देशों में तनाव के चलते अनिश्चितता का स्तर काफी ऊंचा है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।