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Fractal IPO Listing Gain: IPO पर एंप्लॉयीज ने ही नहीं लगाया पूरा दांव, अब 16 फरवरी को लिस्टिंग पर भी झटके के आसार

Fractal IPO Listing Gain: एंटरप्राइज एआई और एनालिटिक्स कंपनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स के आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 12 फरवरी को ही फाइनल हो चुका है। अब इसके शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। चेक करें कितना लिस्टिंग गेन मिल सकता है और लिस्टिंग के बाद शेयरों के खरीदारी की योजना है तो चेक करें कंपनी की पूरी कारोबारी डिटेल्स

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 15, 2026 पर 4:18 PM
Fractal IPO Listing Gain: IPO पर एंप्लॉयीज ने ही नहीं लगाया पूरा दांव, अब 16 फरवरी को लिस्टिंग पर भी झटके के आसार
Fractal IPO Listing Gain:फ्रैक्टल का ₹2,840 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-11 फरवरी तक खुला था। अब इसके शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है।

Fractal IPO Listing Gain: सिटीबैंक, फ्रेंकलिन टेंपलटन, नेस्ले और फिलिप्स जैसे दिग्गज क्लाइंट्स को सर्विसेज देने वाली फ्रैक्टल एनालिटिक्स के ₹2,840 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला। एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया। अब इसके शेयरों की कल यानी 16 फरवरी को एंट्री होने वाली है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से झटका देने वाले संकेत मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) जीरो से भी नीचे आ चुका है। वैसे आईपीओ खुलने के पहले अपर प्राइस बैंड से यह ₹57 यानी 6.33% के GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) तक गया था लेकिन अब यह ₹(-)11 पर है यानी कि (-)1.22% का घाटा लिस्टिंग पर हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Fractal IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

फ्रैक्टल का ₹2,840 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-11 फरवरी तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर₹857-₹900 था लेकिन एंप्लॉयीज के लिए हर शेयर पर ₹85 का डिस्काउंट था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला और हर कैटेगरी के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा नहीं भर पाया। ओवरऑल यह इश्यू 2.81 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 4.41 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.11 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.10 गुना भरा तो एंप्लॉयीज का हिसा सिर्फ 0.65 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया।

इस आईपीओ के तहत ₹1,030 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 2,01,15,554 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिकेंगे। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹264.90 करोड़ एक सब्सिडरी फ्रैक्टल यूएसए का कर्ज हल्का करने, ₹57.10 करोड़ लैपटॉप की खरीदारी, ₹121.10 करोड़ भारत में नए ऑफिस के सेटअप, ₹355.10 फ्रैक्टल अल्फा के तहत आरएंडडी और मार्केटिंग में निवेश, और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

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