बाजार जानकारों का कहना है कि दुनियाभर में ब्याज दरों में हो रही बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई के चलते ग्लोबल ग्रोथ पर दबाव देखने को मिल सकता है। हालांकि इससे भारतीय स्टॉक मार्केट के लिए कोई बड़ी मुश्किल की उम्मीद नहीं है। भारतीय बाजार आगे अपना आउटपरफॉर्मेंस जारी रखेगा।
बताते चलें कि सेंसेक्स-निफ्टी पिछले दशहरे से अब तक 6 फीसदी से ज्यादा फिसल गए हैं। 2011 के बाद पहली बार सेंसेक्स और निफ्टी में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। गौरतलब है कि इस साल दशहरा 5 अक्टूबर यानी कल मनाया जाएगा।
दशहरा से दशहरा तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार में करीब 27.78 अरब डॉलर की बिकवाली की है जबकि इसी अवधि में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3.17 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की है। बाजार में आई गिरावट की वजह कमजोर ग्लोबल संकेत, रुपये की कमजोरी, एफआईआई की बिकवाली और यूएस फेड सहित तमाम दूसरे केंद्रीय बैंकों के मौद्रिक नीतियों में आ रही कड़ाई रही है।
इन चुनौतियों के बावजूद एनालिस्ट का मानना है कि भारतीय बाजार दूसरे ग्लोबल बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करना जारी रखेंगे। देश के मेक्रो इकोनॉमिक आंकड़ों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। यह एक शुभ संकेत है।
रिलायंस सिक्योरिटीज के मितुल शाह का कहना है कि वित्त वर्ष 2023 में निफ्टी हमें 19000 का स्तर छूता नजर आ सकता है। उनका कहना है कि इकोनॉमी में तेजी से हो रहे सुधार, कमोडिटी की कीमतों में गिरावट और महंगाई के लक्षित सीमा में रहने के साथ ही निफ्टी का वैल्यूएशन अपने ऐतिहासिक औसत के करीब आता दिखेगा। मितुल शाह का कहना है कि भारतीय बाजारों में एफआईआई की खरीदारी जारी रहेगी और भारतीय इक्विटी मार्केट डबल डिजिट ग्रोथ के साथ अपना आउटपरफॉर्मेंस जारी रखेगा।
मितुल शाह को ऑटो मोबाइल, कैपिटल गुड्स, खपत से जुड़े शेयर अच्छे नजर आ रहे हैं। इनका मानना है कि आगे ऑटो मोबाइल, कैपिटल गुड्स और खपत से जुड़े शेयर फोकस में बने रहेंगे
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।