इन 14 शेयरों को लेकर हुआ बड़ा ऐलान, FTSE इंडिया इंडेक्स में मिली जगह, जानें इसका क्या होगा असर

FTSE Rejig: ग्लोबल इंडेक्स प्रोवाइडर FTSE ने अपने रिव्यू में कुल 14 भारतीय कंपनियों को शामिल किया हैं। इनमें 360 ONE WAM, अजंता फार्मा, अपार इंडस्ट्रीज, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, ब्लू स्टार-B1, BSE, सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (CDSL), क्रिसिल, फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर, फोर्टिस हेल्थकेयर, इंडसइंड बैंक, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, नेशनल एल्युमीनियम और प्रीमियर एनर्जीज शामिल हैं

अपडेटेड Feb 22, 2025 पर 4:13 PM
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FTSE Rejig: कुल 14 भारतीय कंपनियों को इंडेक्स में जगह मिली हैं। इन बदलावों को 21 मार्च 2025 से लागू किया जाएगा

FTSE Rejig: ग्लोबल इंडेक्स प्रोवाइडर FTSE ने शुक्रवार 21 फरवरी को अपने इंडेक्सों में बदलाव का ऐलान कर दिया। इस बदलाव में कुल 14 भारतीय कंपनियों को इंडेक्स में जगह मिली हैं। इन बदलावों को 21 मार्च 2025 से लागू किया जाएगा। जिन 14 कंपनियों को इंडेक्स में जगह मिली हैं, उनमें 360 ONE WAM, अजंता फार्मा, अपार इंडस्ट्रीज, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, ब्लू स्टार-B1, BSE, सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (CDSL), क्रिसिल, फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर, फोर्टिस हेल्थकेयर, इंडसइंड बैंक, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, नेशनल एल्युमीनियम और प्रीमियर एनर्जीज शामिल हैं।

इन कंपनियों को इंडेक्स में शामिल किया जाना भारतीय शेयर बाजार में उनकी बढ़ती अहमियत और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

FTSE इंडिया इंडेक्स का क्या है?

FTSE (फाइनेंशियल टाइम्स स्टॉक एक्सचेंज) एक प्रमुख ग्लोबल स्टॉक मार्केट इंडेक्स है, जिसे फाइनेंशियल टाइम्स और लंदन स्टॉक एक्सचेंज (LSE) ने विकसित किया है। भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने के लिए विदेशी निवेशक खासतौर से इन इंडेक्सों को फॉलो करते हैं। इनके अलावा कई एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) और म्यूचुअल फंड्स भी इस इंडेक्स को फॉलो करते हैं यानी इनके आधार पर निवेश करते हैं।


FTSE इंडिया के इंडेक्स-

FTSE India 50 Index – भारत की टॉप 50 कंपनियों पर आधारित।

FTSE India All Cap Index – सभी मार्केट कैप (लार्जकैप, मीडियमकैप और स्मॉलकैप) की कंपनियों को कवर करता है

FTSE India Nifty 500 Index – निफ्टी 500 के समान।

FTSE India Sector Indices – विभिन्न सेक्टरों की कंपनियों को ट्रैक करता है।

FTSE इंडेक्स में शामिल करने के मानदंड-

मार्केट कैपिटलाइजेशन: कंपनी का फ्री-फ्लोट मार्केट कैप एक निश्चित सीमा से अधिक होना चाहिए। बड़ी कंपनियों को FTSE इंडिया लार्जकैप इंडेक्स में और छोटी कंपनियों को Mid Cap या Small Cap Index में जोड़ा जाता है।

लिक्विडिटी: स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम अधिक होना चाहिए ताकि उसे खरीदने और बेचने में कोई समस्या न हो।

सेक्टर बैलेंस: इंडेक्स सेक्टर के संतुलन को बनाए रखने की कोशिश करता है। केवल उन्हीं कंपनियों को शामिल किया जाता है, जो अपने सेक्टर में अच्छा प्रदर्शन कर रही होती हैं।

विदेशी निवेश की उपलब्धता: विदेशी निवेशकों को अनुमति देने वाली कंपनियों को ही शामिल किया जाता है। जिन कंपनियों पर विदेशी निवेश की सीमा पर प्रतिबंध होते हैं, उन्हें इंडेक्स में शामिल नहीं किया जाता।

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