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FY21 अर्निंग रिपोर्ट कार्ड: वित्त वर्ष 2022-23 से हो सकती है कैपिटल इंवेस्टमेंट साइकिल की शुरुआत

NSE500 में शामिल 500 से ज्यादा कंपनियों ने FY21 के नतीजे जारी कर दिए हैं.

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 19, 2021 पर 6:33 PM
FY21 अर्निंग रिपोर्ट कार्ड: वित्त वर्ष 2022-23 से हो सकती है  कैपिटल इंवेस्टमेंट साइकिल की शुरुआत

Utsav Mehta, Edelweiss Asset Management

कोरोना महामारी भारतीय कंपनियों के लिए मुश्किल के तौर पर आई है लेकिन ये कई मामलों कंपनियों के लिए अच्छी भी साबित हुई है। लॉकडाउन, सप्लाई और कच्चेमाल के भंडारण से जुड़ी मुश्किलों और मांग में भारी गिरावट के बीच भी भारतीय कंपनियां इस समय मार्च 2020 की तुलना में अच्छी स्थिति में हैं।

NSE500 में शामिल 500 से ज्यादा कंपनियों ने FY21 के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस अवधि में इस कंपनियों के मार्जिंन, कैश जेनरेशन और लीवरेज में काफी अच्छा सुधार देखने को मिला है। कई सालों की गिरावट के बाद RoEs में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है।

एक वर्क फ्राम होम ईयर में जब देश की इकोनॉमी में  7 फीसदी से ज्यादा का संकुचन देखने को मिला, ऐसा होना अपने में एक आश्चर्य है। इस उपलब्धि में संकट से उबरने की लालसा और एक्सपर्ट आपदा प्रबंधन दोनों का योगदान रहा।

इस अवधि में कुछ ऐसी कंपनियां उभर कर सामने आईं जिन्होंने इस महामारी को अपने वितरण नेटवर्क को मजबूती देनें, बाजार हिस्सेदारी को बढ़ाने, अपनी प्राइसिंग पावर में सुधार करने, ब्याज लागत घटाने और गैर जरूरी खर्चों में कटौती के मौके के तौर पर उपयोग में लाया।

एक ऐसे साल जब नॉमिनल GDP में 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है तब इन कंपनियों की कमाई में भी 6 फीसदी की गिरावट आई है। ऐसा लग रहा होगा कि इसमें क्या खास है? इन कंपनियों की ग्रॉस मार्जिन में सालाना आधार पर 5 फीसदी की बढ़ोतरी देखे को मिली है। जो इनकी प्राइसिंग पॉवर और बाजार हिस्सेदारी में बढ़त की ओर संकेत करता है।

ध्यान से विश्लेषण करें तो पता चलता है कि इस अवधि में ऑर्गनाइज्ड क्षेत्र की कंपनियों को अनऑर्गनाइज कंपनियों से हिस्सा छीनने में सफलता मिली है। ये एक ऐसा बदलाव है जिसका इंतजार नोटबंदी, GSTलागू होने और कॉर्पेरेट टैक्स में कटौती के बाद से ही किया जा रहा था।

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