बाजार में उठा-पटक जारी, आज कैसी होगी शुरुआत, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के थोड़ी गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। एशियाई बाजारों में मिली-जुली स्थिति और वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में फिर से बिकवाली के बीच, GIFT निफ्टी कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है

अपडेटेड Oct 29, 2026 पर 8:53 AM
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Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के थोड़ी गिरावट के साथ खुलने की संभावना है।

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के थोड़ी गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। एशियाई बाजारों में मिली-जुली स्थिति और वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में फिर से बिकवाली के बीच, GIFT निफ्टी कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी प्रमुख कंपनियों के निराशाजनक नतीजों ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर किया है। वहीं, US फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला और दिसंबर में दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें निवेशकों को सतर्क रख सकती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट से कुछ राहत मिल सकती है, हालांकि भू-राजनीतिक तनाव अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।

सुबह लगभग 7:40 बजे GIFT निफ्टी 50 अंक (0.22%) की गिरावट के साथ 22,683 पर कारोबार कर रहा था। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 352.64 अंक (0.48%) गिरकर 73,246.03 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50.90 अंक (0.22%) गिरकर 22,698.85 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 871 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे उनकी खरीदारी का सिलसिला जारी रहा। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 643 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

एशियाई बाजारों में मिली-जुली स्थिति


गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुली स्थिति रही। प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के निराशाजनक नतीजों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किए जा रहे भारी निवेश को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ा दी हैं। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सूचकांक 1.8% गिर गया, जिसमें सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा हाथ रहा; कंपनी का मुनाफा बाजार की उम्मीदों से कम रहने के बाद इसके शेयरों में 3% से ज्यादा की गिरावट आई।

निक्केई 225 (Nikkei 225) फ्यूचर्स में 0.1% की मामूली बढ़त दिखी, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) लगभग स्थिर रहा और शंघाई कंपोजिट (Shanghai Composite) में 0.9% की तेजी आई। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.1% की गिरावट आई, जिससे पहले हुई बढ़त खत्म हो गई।

US टेक्नोलॉजी फ्यूचर्स में कमजोरी आई है। गूगल की पैरेंट कंपनी, अल्फाबेट (Alphabet) के शेयर, निराशाजनक बिक्री आंकड़ों के बाद एक्सटेंडेड ट्रेडिंग में 10% तक गिर गए। नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 1 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत नीचे आ गए।

फेड द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के बाद वॉल स्ट्रीट में तेजी

बुधवार को अमेरिकी स्टॉक सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था। हालांकि, बाद के कारोबार (एक्सटेंडेड ट्रेडिंग) में टेक्नोलॉजी शेयरों पर फिर से दबाव देखने को मिला।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 97.53 अंक (0.19 प्रतिशत) बढ़कर 52,475.10 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 सूचकांक 21.37 अंक (0.28 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 7,743.97 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 72.04 अंक (0.27 प्रतिशत) चढ़कर 26,549.85 पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या है राय

एनरिच मनी के CEO पोनमुदी आर का मानना ​​है कि भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और यह एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में रहेगा। निवेशक वैश्विक मौद्रिक नीति में हो रहे बदलावों के साथ-साथ मैक्रोइकॉनॉमिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का आकलन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें घरेलू बाजारों के लिए एक बड़ी बाधा हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऊर्जा की ऊंची कीमतें बाजार में लगातार सुधार की संभावनाओं को सीमित कर सकती हैं। पोनमुदी के अनुसार, जब तक भू-राजनीतिक जोखिम और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बनी रहेंगी, तब तक क्षेत्रीय बाजारों से मिलने वाले सकारात्मक संकेत भी बाजार में टिकाऊ तेजी लाने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते।

निफ्टी 50 के आउटलुक पर, LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा ने कहा कि डेली चार्ट पर निफ्टी इंडेक्स एक दायरे (रेंज) में बना हुआ है और 22,400–22,800 के व्यापक दायरे के भीतर कंसोलिडेट कर रहा है।

भुवा ने कहा, "22,500 पर एक अहम सपोर्ट है, जहां बार-बार अच्छी खरीदारी देखने को मिलती है। वहीं, 22,800 एक मजबूत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है, क्योंकि मार्केट के दौरान इंडेक्स 22,700 के स्तर को बनाए रखने में नाकाम रहा। इन स्तरों से एक स्पष्ट ब्रेकआउट आने पर ही अगली बड़ी चाल (ट्रेंडिंग मूव) देखने को मिलेगी। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, US 10-वर्षीय यील्ड के 5% से ऊपर जाने और इंडिया VIX के 15 के स्तर से ऊपर होने को देखते हुए, ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए और अपनी रणनीतियों को मौजूदा व्यापक ट्रेंड के अनुरूप ही रखना चाहिए।"

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