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क्रूड में उबाल और ग्लोबल सेटीमेंट क्या बाजार में फिर मचाएगा तबाही, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

GIFT Nifty indicator: AI पर भारी खर्च को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई है। इसके अलावा, ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा नई सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी बाजार की धारणा पर दबाव डाल सकता है। ये कमजोर वैश्विक संकेत ऐसे समय में आए हैं, जब पिछले सत्र में भारतीय शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली थी

Sujata Yadavअपडेटेड Oct 30, 2026 पर 8:36 AM
क्रूड में उबाल और ग्लोबल सेटीमेंट क्या बाजार में फिर मचाएगा तबाही, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत
GIFT Nifty indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर शुरुआत करने के आसार हैं।

GIFT Nifty indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर शुरुआत करने के आसार हैं। एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली और वॉल स्ट्रीट में रात भर हुई गिरावट के बीच, GIFT निफ्टी भी मामूली नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारी खर्च को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई है। इसके अलावा, ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा नई सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी बाजार की धारणा पर दबाव डाल सकता है। ये कमजोर वैश्विक संकेत ऐसे समय में आए हैं, जब पिछले सत्र में भारतीय शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली थी।

सुबह लगभग 7:55 बजे, GIFT निफ्टी 38 अंक या 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,005 पर कारोबार कर रहा था। गुरुवार को भारतीय बाजारों में तेजी रही; सेंसेक्स 905.01 अंक (1.24 प्रतिशत) उछलकर 74,151.04 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 237.90 अंक (1.05 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 22,936.75 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दो दिनों तक खरीदारी करने के बाद बिकवाली की और 943 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दूसरे सत्र में खरीदारी जारी रखी और 1,924 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

एशियाई बाजारों में गिरावट

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। टेक्नोलॉजी कंपनियों के निराशाजनक नतीजों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किए जा रहे भारी निवेश को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं, जिसके चलते निवेशक AI से जुड़े शेयरों से दूरी बना रहे हैं।

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