Nifty gap up opening: आज 15 जून को भारतीय शेयर मार्केट में इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) के मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्टी निफ्टी से तो ऐसा ही संकेत मिला है जोकि 400 प्वाइंट्स से अधिक उछलकर 24,000 के लेवल को पार कर गया। एशियाई बाजारों में जोरदार तेजी और कच्चे तेल के भाव में तेज गिरावट से घरेलू मार्केट में ओपनिंग को लेकर पॉजिटिव सिग्नल मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम समझौते की रिपोर्ट्स पर दुनिया भर के मार्केट में रौनक छा गई है। फिलहाल (खबर लिखे जाने के समय) गिफ्ट निफ्टी 404.50 प्वाइंट्स यानी 1.71% की बढ़त के साथ 24,033.00 पर है।
इस कारण रौनक की उम्मीद लेकिन यह दबाव भी
अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों का कहना है कि युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर पहुंचे हैं। इसके चलते दुनिया भर के बाजारों में रौनक छा गई। एशियाई बाजारों में शानदार रैली आई गई। जापान के Nikkei 225 में 3%, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 4% से अधिक तो एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों का MSCI इंडेक्स 1.5% चढ़ गया। वहीं अमेरिकी मार्केट से जुड़ा नास्डाक फ्यूचर्स 1.5% और S&P 500 फ्यूचर्स 0.9% उछल पड़ा।
सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों से जुड़ी आशंका हल्का होने पर कच्चा तेल तेजी से नीचे फिसल गया। ब्रेंट क्रूड 4% टूटकर प्रति बैरल $83.80 के भाव तो अमेरिकी क्रूड 4.7% गिरकर $80.90 पर आ गया। दोनों बेंचमार्क पहले ही शुक्रवार को 3% से अधिक गिर चुके थे और अब मार्च के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं। यह गिरावट भारत जैसे तेल के आयात पर निर्भर रहने वाले देशों के लिए काफी अहम है क्योंकि इनके सस्ते होने पर महंगाई के दबाव को हल्का करने, आयात बिल घटाने, करंट अकाउंट बैलेंस को सुधारने और कॉरपोरेट प्रॉफिटेबिलिटी को सपोर्ट देने में मदद मिलती है।
अमेरिकी डॉलर भी कमजोर हुआ और प्रमुख करेंसीज के मुकाबले 10 दिनों के निचले स्तर पर आ गया। कमजोर डॉलर और सस्ता कच्चा तेल आमतौर पर भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए फायदेमंद माना जाता है।
वैश्विक माहौल बेहतर होने के बावजूद विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बिकवाली दबाव बना सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को ₹1,082 करोड़ के शेयर बेचे। यह लगातार 13वां कारोबारी दिन रहा, जब उन्होंने बिकवाली की। हालांकि दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹5,341 करोड़ के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया।
मजबूत रैली के संकेत, इन बातों पर रहेगी नजर
एनरिच मनी के सीईओ पोमुडी आर के मुताबिक जियो-पॉलिटिकल टेंशन में कमी के बाद भारतीय बाजारों में मजबूत तेजी के आसार हैं। उनका मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौता और होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की संभावना ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए बहुत पॉजिटिव है क्योंकि इससे महंगाई कम होगी, आयात पर खर्च घटेगा, कॉरपोरेट मार्जिन सुधरेगा और ब्रोड मैक्रोइकनॉमिक आउटलुक मजबूत होगा। पोमुडी का कहना है कि सबसे अधिक फायदा एविएशन, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां, पेंट, केमिकल और कंज्यूमर-फोकस्ड बिजनेसेज को मिल सकता है। हालांकि निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच डील की साइनिंग और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।
टेक्निकल बात करें तो पोमुडी के मुताबिक निफ्टी को फिलहाल 23800 के लेवल पर रेजिस्टेंस दिख रहा है और इसके ऊपर जाने पर मजबूत बुलिश माहौल दिख सकता है और यह 24 हजार के लेवल को पार कर सकता है। हालांकि ध्यान दें कि गिफ्ट निफ्टी से आज ही इसके 24 हजार के मनोवैज्ञानिक लेवल के पार जाने की उम्मीद दिखने लगी है। नीचे की तरफ बात करें तो 23,550-23,500 जोन सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके लिए रेजिस्टेंस 57,000 के आस-पास बना हुआ है तो सपोर्ट 56,500-56,400 रीजन में है।