Semiconductor Mission 2.0: सरकार की ₹1.27 लाख करोड़ की सेमीकंडक्टर स्कीम, इन 10 स्टॉक्स को मिल सकता है तगड़ा फायदा

Semiconductor Mission 2.0: सरकार ने ₹1.27 लाख करोड़ के Semiconductor Mission 2.0 को मंजूरी दे दी है। इसका फोकस चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और पूरी सप्लाई चेन पर है। जानिए इस योजना से किन 10 भारतीय कंपनियों और स्टॉक्स को सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है।

अपडेटेड Jul 15, 2026 पर 10:19 PM
टाटा ग्रुप की Tata Elxsi चिप डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में काम करती है। I

Semiconductor Mission 2.0: केंद्र सरकार ने India Semiconductor Mission (ISM 2.0) के लिए ₹1.27 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। इस बार सरकार का फोकस सिर्फ चिप फैक्ट्री लगाने पर नहीं है। अब चिप डिजाइन, मशीनें, कच्चा माल, एडवांस पैकेजिंग, रिसर्च और पूरी सप्लाई चेन को भारत में विकसित किया जाएगा।

ऐसे में कई भारतीय कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। आइए जानते हैं किन 10 कंपनियों पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Tata Electronics


टाटा ग्रुप भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब लगाने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी पहले से इस सेक्टर में बड़े निवेश कर रही है। ISM 2.0 से इसके विस्तार को और रफ्तार मिल सकती है।

CG Power & Industrial Solutions

CG Power सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में निवेश कर रही है। कंपनी की चिप मैन्युफैक्चरिंग योजनाओं को सरकार की नई नीति से मजबूत सपोर्ट मिल सकता है।

Kaynes Technology

Kaynes Technology पहले ही सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में एक्टिव है। सरकार की ATMP और OSAT पर बढ़ती फोकस से कंपनी को फायदा हो सकता है।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की Tata Elxsi चिप डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में काम करती है। ISM 2.0 में डिजाइन कंपनियों को बढ़ावा मिलने से इसके लिए नए अवसर बन सकते हैं।

Dixon Technologies

Dixon भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन मजबूत होने का फायदा इसे भी मिल सकता है।

Syrma SGS Technology

Syrma SGS इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और PCB असेंबली में काम करती है। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार से कंपनी का कारोबार बढ़ सकता है।

MosChip Technologies

MosChip चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग सेवाएं देती है। सरकार का डिजाइन और IP डेवलपमेंट पर जोर कंपनी के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

HCL Technologies

HCLTech चिप डिजाइन और इंजीनियरिंग R&D सेवाओं में वैश्विक कंपनियों के साथ काम करती है। भारत में डिजाइन इकोसिस्टम बढ़ने से नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं।

Tata Consultancy Services (TCS)

टटा ग्रुप यह आईटी कंपनी TCS सेमीकंडक्टर, AI और इंजीनियरिंग सेवाओं में दुनिया की कई चिप कंपनियों के साथ काम करती है। घरेलू निवेश बढ़ने से इस कारोबार में भी तेजी आ सकती है।

Cyient

Cyient सेमीकंडक्टर डिजाइन, एम्बेडेड इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन सेवाएं देती है। नई नीति से इस क्षेत्र में मांग बढ़ने की उम्मीद है।

निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

यह समझना जरूरी है कि सरकार ने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया है। इस लिस्ट में कंपनियां उनके मौजूदा कारोबार और सेमीकंडक्टर सेक्टर में मौजूदगी के आधार पर चुनी गई हैं।

ISM 2.0 से इन्हें नए ऑर्डर, निवेश या साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी कंपनियों को तुरंत या समान रूप से फायदा होगा। निवेश का फैसला हमेशा कंपनी के नतीजों, वैल्यूएशन और भविष्य की योजनाओं को देखकर ही करना चाहिए।

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