US market : असेट मैनेजमेंट फर्म जीएमओ के को-फाउंडर और बीते साल के दौरान ग्लोबल इक्विटीज में आई रैली पर खुलकर संदेह व्यक्त करने वाले जेरेमी ग्रांथम (Jeremy Grantham) आगाह करते हुए कहा कि अमेरिका में सुपर बबल फटने के लिए तैयार है और इसके चलते गंभीर आर्थिक समस्याएं खड़ी होंगी। ग्रांथम ने यूएस इक्विटी मार्केट के मौजूदा स्तरों से 45 फीसदी टूटने की आशंका जाहिर की है।
सुपर बबल की कैटेगरी में अमेरिकी मार्केट
ग्रांथम ने अपने क्लाइंट नोट में लिखा, “पिछले साल इसी समय ऐसा लग रहा था कि हमारे यहां स्टैंडर्ड बबल के चलते इकोनॉमी को एक स्टैंडर्ड पेन (दर्द) हो सकता है। लेकिन साल के दौरान, बबल बढ़कर सुपर बबल की कैटेगरी में पहुंच गया, जो यूएस इक्विटीज के लिए आधुनिक दौर में सिर्फ तीन में से एक है। इस क्रम में संभावित दर्द बढ़ गया है।”
ग्रांथम के मुताबिक, सभी पिछले पांच सुपर बबल- 1929 के बाद अमेरिका और जापान में इक्विटी और हाउसिंग में, औसत से ज्यादा और लंबी समस्याओं के साथ ठीक हो गए। दूसरे शब्दों में, जब बबल फटते हैं तो कीमतें फिर से वहीं लौट आती हैं जहां से शुरुआत होती है।
45 फीसदी टूट सकता है इक्विटी मार्केट
इसे रिफरेंस प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल करते हुए, ग्रांथम यूएस इक्विटी मार्केट के मौजूदा स्तरों से 45 फीसदी टूटने के साथ लगभग 2500 पर आता देख रहे हैं। ग्रांथम जोर देकर कहते हैं कि पहली बार अमेरिका में चार असेट क्लास- इक्विटी, बॉन्ड, हाउसिंग और कमोडिटीज में देखने को मिल रहा है। साथ ही, ऐसे संकेत थे कि इक्विटी में मौजूद सुपर बबल फटने के करीब है।
सुबर बबल में टूटते हैं ब्लूचिप शेयर
ग्रांथम ने लिखा, “ग्रेट सुपर बबल्स की एक आखिरी खासियत बाजार का लगातार सीमित होना और सट्टा स्टॉक्स में अनूठी कमजोरी रही है, जिसमें बाजार के बढ़ने पर कई ब्लूचिप टूट जाते हैं। ऐसा 1929 में, 2000 में हुआ और अब हो रहा है।”
बाजार के सीमित होने का उल्लेख करते हुए ग्रांथम कहते हैं, मजबूत होने वाले स्टॉक्स की तुलना में ऐसे स्टॉक्स की संख्या बढ़ी है जिनमें गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा, यही वजह है कि बिटकॉइन में 40 फीसदी की गिरावट के अलावा गेमस्टॉप, एएमसी जैसे मीम स्टॉक्स और नैस्डैक के एक तिहाई स्टॉक 50 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं।
किसी भी समय शुरू हो सकती है गिरावट
उन्होंने लिखा, “इसमें कोई संदेह नहीं की 2000 की तुलना में पिछले ढाई साल में मीम स्टॉक्स और ईवी से संबंधित स्टॉक्स, क्रिप्टोकरेंसीज और एनएफटी में इनवेस्टर्स का क्रेजी व्यवहार बढ़ा है। सुपर बबल का यह दौर पूरा हो गया है और गिरावट किसी भी समय शुरू हो सकती है।”
कैसा होता है वैम्पायर फेज
उन्होंने कहा कि बुल मार्केट उन्हें ‘वैम्पायर’ फेज में नजर आता है। ग्रांथम लिखते हैं, “बुल मार्केट का वैम्पायर फेज को मैं ऐसा दौर मानता हूं, जहां आप अपने पास मौजूद सब कुछ फेंक देते हैं। आप कोविड से इसे नुकसान पहुंचाते हैं, आप ऊंची ब्याद दरों का वादा करते हैं और आप इसे अप्रत्याशित महंगाई का दर्द देते हैं जिसने हमेशा ही पी/ई रेश्यो को कमजोर किया है।”