Budget 2022 : Zerodha के निखिल कामत ने कहा, नए इनवेस्टर्स को बढ़ावा देने के लिए STT खत्म करे सरकार - budget 2022 zerodha s nikhil kamath urges govt to abolish stt to encourage new investors | Moneycontrol Hindi

Budget 2022 : Zerodha के निखिल कामत ने कहा, नए इनवेस्टर्स को बढ़ावा देने के लिए STT खत्म करे सरकार

निखिल कामत ने कहा, यदि एसटीटी खत्म होता है तो इनवेस्टमेंट इंडस्ट्री को फायदा होगा, क्योंकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स पहले से लागू है

अपडेटेड Jan 20, 2022 पर 7:21 PM | स्रोत :Moneycontrol.com
Budget 2022 : Zerodha के निखिल कामत ने कहा, नए इनवेस्टर्स को बढ़ावा देने के लिए STT खत्म करे सरकार
निखिल कामत, को-फाउंडर, जिरोधा

Zerodha co-founder Nikhil Kamath : जिरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत ने गुरुवार को सरकार से आम बजट, 2022 (Union Budget 2022) में इक्विटी ट्रेड पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (Securities Transaction Tax) खत्म करने पर विचार करने का अनुरोध किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फवरी, 2022 को आम बजट पेश किया जाएगा।

कैपिटल मार्केट को मिलेगा बढ़ावा

उन्होंने कहा, इस कदम से इक्विटी ट्रेड पर एसटीटी से राहत मिलने पर कैपिटल मार्केट को बढ़ावा मिलेगा और नए इनवेस्टर ट्रेडिंग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। कामत ने कहा, “यदि एसटीटी खत्म होता है तो इनवेस्टमेंट इंडस्ट्री को फायदा होगा, क्योंकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस (एसटीसीजी) पहले से लागू है।”

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पेनाल्टी बढ़ाई जाए

जिरोधा के को-फाउंडर ने कहा कि यदि सरकार एसटीटी पर कोई दखल नहीं देना चाहती है तो वह एलटीसीजी पर टैक्स हटाने पर विचार कर सकती है। कामत ने देश में कानूनों के उल्लंघन पर पेनाल्टीज को सख्त करने के साथ ही लिस्टिंग नॉर्म्स को आसान बनाने की वकालत की।

कामत ने कहा कि भारत में कंपनियों की लिस्टिंग में एंट्री से जुड़ी बाधाएं खासी ज्यादा हैं, लेकिन एक बार लिस्ट होने के बाद उल्लंघन पर पेनाटी खासी कम है, जिससे रिटेल इनवेस्टर्स के बीच ज्यादा जोखिम का संदेह बना रहता है।

कामत ने कहा, “हमें इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए दूसरे तरीके पर विचार करना चाहिए, वहीं कॉरपोरेट गवर्नेंस पर भी नजर रखनी चाहिए।”

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डिलिवरी बेस्ड इक्विटी ट्रेडिंग पर 0.1 फीसदी है एसटीटी

एसटीटी भारत में मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड सिक्योरिटीज की खरीद और बिक्री पर वसूला जाने वाला डायरेक्ट टैक्स है। 2016 से, डिलिवरी बेस्ड इक्विटी ट्रेडिंग पर यह 0.1 फीसदी है।

एसटीटी 2004 में पेश किया गया था, जब तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (एलटीसीजी) हटा दिया था। वर्तमान में यह दर ट्रेडेड सिक्योरिटी और ट्रांजैक्शन के आधार पर 0.025 फीसदी से 0.25 फीसदी के बीच है।

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First Published: Jan 20, 2022 7:19 PM

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