गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (GCPL) के शेयरों में 3 सितंबर को दिन में करीब 5 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। BSE पर शेयर 859.50 रुपये के लो तक गया। यह शेयर का 52 सप्ताह का नया निचला स्तर है। कंपनी का मार्केट कैप 89100 करोड़ रुपये पर आ गया है। कंपनी की एनालिस्ट मीट के बाद ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है। GCPL ने मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ग्रोथ गाइडेंस दोहराया है, लेकिन भारत में बिजनेस ग्रोथ कम हो सकने की चेतावनी दी है। कुछ एनालिस्ट्स को कंपनी के लिए निकट अवधि में कुछ चुनौतियां दिखाई दे रही हैं।
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के ब्रांड्स में गुड नाइट, एयर, सिंथॉल, ईजी, हिट, गोदरेज एक्सपर्ट, पार्क एवेन्यू, गोदरेज नंबर वन जैसे नाम शामिल हैं। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 53.05 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
GCPL की डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद बरकरार
GCPL को वित्त वर्ष 2027 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) डबल-डिजिट में बढ़ने की उम्मीद है। वॉल्यूम में डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल करने का लक्ष्य बरकरार है। वहीं भारत में स्टैंडअलोन वॉल्यूम ग्रोथ के हाई-सिंगल डिजिट में रहने की उम्मीद है। कंपनी नए जमाने की कैटेगरी में प्रवेश करके और होम केयर से परे नए अवसरों को पकड़कर अपने पोर्टफोलियो को बदलने पर फोकस कर रही है।
इसने उभरते हुए कंज्यूमर ट्रेंड्स की पहचान करने और अधिक रफ्तार व दक्षता के साथ प्रीमियम उत्पादों को विकसित और लॉन्च करने के लिए Godrej Lab, या G-Lab भी बनाई है। GCPL खुद को एक नई पीढ़ी की FMCG कंपनी में बदलने की भी कोशिश कर रही है, जिसमें डिमांड फोरकास्टिंग, मीडिया प्लानिंग और प्राइसिंग मॉडल्स जैसे क्षेत्रों में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस को इंटीग्रेट किया जा रहा है। कंपनी ने कहा कि वह अपनी मुख्य कैटेगरी, जिसमें घरेलू कीटनाशक (household insecticides) और साबुन शामिल हैं, पर ध्यान देती रहेगी। साथ ही इनोवेशन पाइपलाइन को वापस लाने और एग्जीक्यूशन को बेहतर बनाने पर भी फोकस रहेगा।
नोमुरा ने GCPL के शेयर के लिए 1,100 रुपये प्रति शेयर के प्राइस टारगेट के साथ 'बाय' रेटिंग दी है। मॉर्गन स्टेनली ने 1,204 रुपये प्रति शेयर के प्राइस टारगेट के साथ 'इक्वलवेट' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने कहा कि GCPL की योजना मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में सालाना लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश करने की है। इस निवेश को धीरे-धीरे बढ़ाए जाने की उम्मीद है। कंपनी की योजना भारत में लगभग 150 करोड़ रुपये की जनरल ट्रेड इन्वेंट्री को ठीक करने की भी है। ब्रोकरेज के अनुसार, इससे कुछ समय के लिए दबाव बन सकता है, लेकिन बेहतर टूल्स और बेहतर काम-काज की मदद से कुल मिलाकर इस असर के कम होने की उम्मीद है।
CLSA ने GCPL के शेयर पर 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग दी है। प्राइस टारगेट घटाकर 743 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी ने चेतावनी दी है कि भारत में कंपनी की बिजनेस ग्रोथ कम हो सकती है। इसकी वजह हैं- जनरल ट्रेड इन्वेंट्री में करेक्शन; रिसर्च एंड डेवलपमेंट, गो-टू-मार्केट और मार्केटिंग में ज्यादा निवेश; इनपुट कॉस्ट के मामले में मुश्किल हालात। CLSA ने FY27-FY29 के लिए कंपनी के कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफे के अनुमानों को 4-6 प्रतिशत घटा दिया है।
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