मुंबई स्थित रियल एस्टेट फर्म Godrej Properties ने 4 फरवरी को सूचित किया है कि उसके बोर्ड ने डीबी रियल्टी में 400 करोड़ रुपये के निवेश से डीबी रियल्टी की करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी अधिग्रहित करने के पूर्व में घोषित एलान को खारिज करने का निर्णय लिया है।

मुंबई स्थित रियल एस्टेट फर्म Godrej Properties ने 4 फरवरी को सूचित किया है कि उसके बोर्ड ने डीबी रियल्टी में 400 करोड़ रुपये के निवेश से डीबी रियल्टी की करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी अधिग्रहित करने के पूर्व में घोषित एलान को खारिज करने का निर्णय लिया है।
बोर्ड ने यह फैसला स्टेक होल्डरों और माइनॉरिटी इन्वेस्टरों से मिले फीडबैक के बाद लिया है। कंपनी ने इस बारे में जारी अपने बयान में कहा है कि लंबी चर्चा और स्टेक होल्डरों और माइनॉरिटी इन्वेस्टरों से मिल फीडबैक को संज्ञान में लेते हुए कंपनी के बोर्ड ने यह फैसला लिया है कि गोदरेज प्ऱॉपर्टी अब डीबी रियल्टी में संभावित निवेश पर कोई अगला कदम नहीं उठाएगी। हालांकि कंपनी डीबी रियल्टी के साथ केस टू केस आधार पर संयुक्त रुप से अलग-अलग प्रोजेक्ट पर काम करने की संभावनाओं की तलाश जारी रखेगी।
बता दें कि गोदरेज प्रॉपर्टी ने एलान किया था कि वह डीबी रियल्टी में 10 फीसदी की हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए 400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा मुंबई में स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजक्ट के लिए एक ज्वाइंट वेंचर बनाएंगी। बाजार को शायद कंपनी की यह योजना पसंद नहीं आई है जिसके चलते शेयर में 2 दिनों से भारी गिरावट देखने को मिल रही है।
4 फरवरी यानी कल के कारोबार में Godrej Properties के शेयर में परसों की गिरावट का विस्तार होता नजर आया था। कल इस स्टॉक में 10 फीसदी की और गिरावट आई थी।
Godrej Properties ने एनालिस्ट से हुई बातचीत में कहा था कि इस पार्टनरशिप से कंपनी को मुंबई में रीडेवलपमेंट कारोबार में बड़े मौके मिलने की संभावना है। इस ज्वाइंट वेंचर करार के तहत डीबी रियल्टी बिजनेस डेवलमेंट का काम देखेगी और अप्रुवल के लिए प्रोजेक्ट साइड को तैयार करेगी। वहीं Godrej Properties के डेवलपमेंट सेल्स और मार्केटिंग का काम करेगी। लेकिन अब Godrej Properties ने बाजार से मिले नकारत्मक रिस्पॉन्स के कारण इस योजना से कदम वापस खीचनें का फैसला लिया है।
जानकारों का कहना है कि इस डील को एक जटिल कैपिटल अलोकेशन निर्णय माना जा रहा था। क्योंकि slum rehabilitation योजनाओं के साथ तमाम तरह के जोखिम जुड़े हुए है।
ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए का कहना है slum rehabilitation प्रोजेक्ट परियोजनाएं नियमों और कानूनों के पचड़े में फंस जाती है इसलिए यह करार बाजार को पसंद नहीं आ रहा है। सीएलएसए ने इस स्टॉक में बिकवाली की सलाह दी है।
इसी तरह ब्रोकरेज फर्म जैफरीज का कहना है कि डीबी रियल्टी और slum rehabilitation प्रोजेक्ट पर कंपनी का दांव नियर टर्म में इस स्टॉक के लिए अच्छा नहीं है। हालांकि जैफरीज ने इस स्टॉक पर अपनी Buy कॉल बनाए रखी है लेकिन अपने प्राइस टार्गेट में 27 फीसदी की कटौती की है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।