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Early Retirement Loss: 60 की बजाय 55 की उम्र में रिटायरमेंट? एक फैसले से हो सकता है ₹1.6 करोड़ का भारी नुकसान, समझें गणित

SIP Compounding Calculator: निवेश में आखिरी वर्षों में 'कंपाउंडिंग की ताकत' सबसे तेजी से काम करती है। अगर आप 55 की उम्र के बाद ₹10,000 की मासिक किस्त देना बंद भी कर दें और उस ₹1.9 करोड़ के फंड को बिना छुए अगले 5 साल के लिए सिर्फ 12% रिटर्न पर छोड़ दें, तो 60 वर्ष की उम्र में यह ₹3.5 करोड़ तक पहुंच जाएगा

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 18, 2026 पर 11:47 AM
Early Retirement Loss: 60 की बजाय 55 की उम्र में रिटायरमेंट? एक फैसले से हो सकता है ₹1.6 करोड़ का भारी नुकसान, समझें गणित
फाइनेंशियल विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपाउंडिंग की ताकत रुकने से आपको ₹1.6 करोड़ तक का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है

Retiring at 55 vs 60 Financial Loss Calculation: नौकरी से जल्दी मुक्ति पाना और अर्ली रिटायरमेंट का आनंद लेना आज के युवाओं का एक बड़ा सपना बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी तय उम्र से महज 5 साल पहले काम छोड़ना आपके बुढ़ापे के फंड को कितना बड़ा झटका दे सकता है?

फाइनेंशियल विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आप 60 वर्ष की बजाय 55 वर्ष की उम्र में रिटायर होने का फैसला करते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत रुकने से आपको ₹1.6 करोड़ तक का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए समझते हैं कि महज 5 साल पहले काम छोड़ने से आपके निवेश पर क्या असर पड़ता है और इसके पीछे का वित्तीय गणित क्या है।

सिर्फ 5 साल का अंतर और ₹1.6 करोड़ का नुकसान

सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर और वेल्थविशर फाइनेंशियल प्लानर्स के संस्थापक मधुपम कृष्णा के अनुसार, रिटायरमेंट फंड में आखिरी के 5 साल सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं:

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