Gold Stocks: सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, इन तीन कंपनियों के शेयरों पर रखें नजर
Gold Stocks: सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद गोल्ड इंडस्ट्री से जुड़े शेयर चर्चा में हैं। जानिए सस्ते सोने का इन कंपनियों के कारोबार पर क्या असर पड़ सकता है। और निवेशकों को अब क्या करना चाहिए।
सोने की कीमतें गिरने का असर ज्वेलरी कंपनियों पर अक्सर सकारात्मक पड़ता है।
Gold Stocks: सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद गोल्ड इंडस्ट्री से जुड़े कई शेयर फिर से चर्चा में आ गए हैं। पिछले तीन दिनों में स्पॉट गोल्ड 17 मार्च के करीब 1,60,000 रुपये से गिरकर 23 मार्च 2026 को लगभग 1,34,000 रुपये प्रति 24 कैरेट पर आ गया। ऊंची ब्याज दरें लंबे समय तक बने रहने की आशंका, मजबूत अमेरिकी डॉलर और हाल की तेजी के बाद हुई प्रॉफिट बुकिंग को इस गिरावट की बड़ी वजह माना जा रहा है।
ऐसे माहौल में गोल्ड इंडस्ट्री से जुड़े कुछ शेयरों पर निवेशकों की खास नजर है।
Senco Gold
सोने की कीमतें गिरने का असर ज्वेलरी कंपनियों पर अक्सर सकारात्मक पड़ता है। Senco Gold भी इससे फायदा उठा सकती है। जब सोना सस्ता होता है तो ग्राहक ज्यादा खरीदारी करते हैं और शोरूम में फुटफॉल बढ़ जाता है। कई बार ग्राहक हल्की ज्वेलरी की जगह ज्यादा वजन वाली ज्वेलरी या डायमंड ज्वेलरी भी खरीदने लगते हैं, जिनमें कंपनियों का मार्जिन बेहतर होता है।
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में इसकी बिक्री और मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2023 में Senco Gold की नेट सेल्स करीब 4,077 करोड़ रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2025 तक बढ़कर लगभग 6,328 करोड़ रुपये हो गई।
Senco Gold का प्रदर्शन हाल के नतीजों में भी मजबूत रहा है। दिसंबर तिमाही में कंपनी की नेट सेल्स लगभग 3,071 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। कंपनी लगातार अपने शोरूम नेटवर्क का विस्तार कर रही है। इसने FY26 में करीब 20 नए शोरूम खोलने का लक्ष्य रखा गया है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि कंपनी FY26 में 25 प्रतिशत से ज्यादा ग्रोथ हासिल कर सकती है।
Muthoot Finance
जहां ज्वेलरी कंपनियों को सोने की कीमत गिरने से फायदा मिल सकता है, वहीं गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के लिए यह स्थिति चुनौती बन सकती है। Muthoot Finance भारत की सबसे बड़ी गोल्ड लोन NBFC है। इसका बिजनेस सीधे तौर पर सोने की कीमतों पर निर्भर करता है।
जब सोने का भाव गिरता है तो गिरवी रखे गए सोने की वैल्यू कम हो जाती है। इससे लोन टू वैल्यू रेशियो बढ़ जाता है। यह कंपनी के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसी स्थिति में कंपनी को कई बार ग्राहकों से अतिरिक्त सोना या नकद जमा करने के लिए कहना पड़ता है, जिसे मार्जिन कॉल कहा जाता है।
Muthoot Finance के भी हालिया वित्तीय आंकड़े मजबूत रहे हैं। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स करीब 3,612 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर लगभग 5,333 करोड़ रुपये हो गया। Q3 FY26 में भी कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम और मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि इस बिजनेस की एक बड़ी खासियत यह भी है कि इसका प्रदर्शन काफी हद तक गोल्ड की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। अगर सोने की कीमतें लगातार गिरती हैं तो लोन ग्रोथ धीमी पड़ सकती है और जोखिम भी बढ़ सकता है।
Kalyan Jewellers
Kalyan Jewellers भारत की प्रमुख ज्वेलरी रिटेल कंपनियों में से एक है। सोने की कीमतों में गिरावट आम तौर पर इस तरह की कंपनियों के लिए मांग बढ़ाने का काम करती है। जब सोना सस्ता होता है तो ग्राहक ज्यादा खरीदारी करते हैं और कई बार भारी या ज्यादा वैल्यू वाली ज्वेलरी खरीदने का फैसला भी लेते हैं।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में इसकी ग्रोथ काफी मजबूत रही है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी की नेट सेल्स करीब 14,071 करोड़ रुपये थीं, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर लगभग 25,045 करोड़ रुपये तक पहुंच गईं।
Q3 FY26 में भी कंपनी की रेवेन्यू और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। Kalyan Jewellers लगातार नए स्टोर्स खोल रही है और संगठित ज्वेलरी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब
सोने की कीमतों में गिरावट का असर गोल्ड इंडस्ट्री की अलग-अलग कंपनियों पर अलग तरह से पड़ता है। ज्वेलरी कंपनियों को सस्ते सोने की वजह से मांग बढ़ने का फायदा मिल सकता है। वहीं गोल्ड लोन कंपनियों को कोलैटरल की वैल्यू कम होने का जोखिम झेलना पड़ सकता है।
ऐसे में निवेश का फैसला लेते समय सिर्फ सोने की कीमतों के ट्रेंड को देखना काफी नहीं है। कंपनी के फंडामेंटल, बिजनेस मॉडल और पूरे सेक्टर के रुझान को समझकर ही फैसला लेना ज्यादा समझदारी भरा होता है।
Disclaimer:यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।