Gold vs Share Markets: वित्त वर्ष 2024 में सोना खरीदने वालों को नहीं, बल्कि शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों को अधिक मुनाफा हुआ है। शेयर बाजार के दोनों प्रमुख इंडेक्स- सेंसेक्स और निफ्टी ने वित्त वर्ष 2024 में गोल्ड से बेहतर प्रदर्शन किया है। देश के बेहतर आर्थिक हालात के चलते शेयर बाजारों में पिछले वित्त वर्ष खूब निवेश आया। विदेशी और घरेलू दोनों निवेशकों ने बाजार में लगातार खरीदारी की, जिससे सेंसेक्स ने वित्त वर्ष 2024 के दौरान अपना रिकॉर्ड उच्चतम स्तर छुआ।
वित्त वर्ष 2024 में सेंसेक्स और निफ्टी ने क्रमश: 25 और 29 फीसदी रिटर्न दिया। जबकि इसके मुकाबले MCX गोल्ड और इंटरनेशनल गोल्ड ने इस दौरान क्रमश: 12.5 फीसदी और 13.2 फीसदी का रिटर्न दिया। यानी सेंसेक्स ने वित्त वर्ष 2024 के दौरान गोल्ड से लगभग दोगुना रिटर्न दिया है। यह लगातार सातवां साल है, जब MCX गोल्ड ने पॉजिटिव रिटर्न दिया है। वहीं इंटरनेशनल गोल्ड ने लगातार चौथे साल पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में इक्विटी स्ट्रैटजी के डायरेक्टर, क्रांति बैथिनी ने बताया कि भारत की मजबूत आर्थिक ग्रोथ और फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में बढ़ती रुचि के कारण गोल्ड इस समय इक्विटी में पिछड़ रहा है। शेयर बाजार में भारी तेजी के कारण निवेशक सोने और रियल एस्टेट जैसे फिजिकल एसेट्स की जगह शेयर जैसी फाइनेंशियल एसेट्स में निवेश के लिए रुख कर रहे हैं। सोने की तुलना में शेयरों में निवेश अधिक जोखिम भरा होता है, लेकिन स्टॉक्स से मिल रहे भारी रिटर्न ने निवेशकों को उनमें अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित किया हैं।
घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों ने भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी में मजबूती से भरोसा दिखाया है। वित्त वर्ष 2024 में FII और DII दोनों ने भारतीय शेयर बाजार में 25 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया, जो पिछले कुछ सालों की तुलना में एक अहम बदलाव है।
इससे पहले वित्त वर्ष 2022 और 2023 में विदेशी निवेशकों ने बाजार से शुद्ध रूप से निकासी की थी। हालांकि वित्त वर्ष 2024 में विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटा और कुछ बड़े हिंदी राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की निर्णायक जीत ने भी इस भरोसे को बढ़ाने में मदद की।
पिछले 3 महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 1.1 अरब डॉलर का निवेश किया, जबकि इसी अवधि के दौरान घरेलू निवेशकों ने 13.1 अरब डॉलर का निवेश किया। इसके अलावा, फरवरी महीने के दौरान SIP के जरिए शेयर बाजार में आने वाला पैसा पहली बार 19,000 करोड़ रुपये को पार कर गया।