Goldline Pharma IPO Listing: थर्ड पार्टी से दवाईयां तैयार करे 'गोल्डलाइन' ब्रांड नाम से इनकी बिक्री करने वाली गोल्डलाइन फार्मा के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 840 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹43 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹59.75 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 38.95% का लिस्टिंग गेन (Goldline Pharma Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹56.77 (Goldline Pharma Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 32.02% मुनाफे में हैं।
Goldline Pharma IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
गोल्डलाइन फार्मा का ₹12 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 मई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 840.74 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 180.22 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1,662.04 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 881.15 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 27 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹8.35 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Goldline Pharma के बारे में
गोल्डलाइन फार्मा पांच सेगमेंट्स में 'गोल्डलाइन' ब्रांड नाम के तहत फार्मा प्रोडक्ट्स की बिक्री करती है। गोल्डलाइन फार्मा कैटेगरी में इसके 42 प्रोडक्ट्स, गोल्डलाइन कार्डिनल में 54 प्रोडक्ट्स, गोल्डलाइन आयुष्मान में 18 प्रोडक्ट्स, गोल्डलाइन इनलाइफ में 22 प्रोडक्ट्स और गोल्डलाइन वेलनेस में 10 प्रोडक्ट्स हैं। यह प्रोडक्ट्स नहीं बनाती है बल्कि थर्ड पार्टी तैयार करती है। अभी यह 15 मैन्युफैक्चरर्स और 7 डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ काम कर रही है। इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री महाराष्ट्र, एमपी, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु, राजस्थान और बिहार में होती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹26 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹1.81 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹2.83 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 18% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹28.06 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹2.22 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹21.41 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹9.47 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹3.65 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।