बाजार में खरीदारी के अच्छे मौके, 30% तक की गिरावट सहने के लिए तैयार रह कर लंबे नजरिए से करें निवेश - दीपक शेनॉय

भारत और पाकिस्तान के बढ़ते तनाव के बीच बाजार में अब क्या स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए इस पर चर्चा करते हुए कैपिटल माइंड के फाउंडर और CEO दीपक शेनॉय ने कहा कि इस बार की स्थिति थोड़ा अलग है। लेकिन अगर स्थितियां जल्दी सुधर जाती हैं और लड़ाई रुक जाती है तो बाजार में रिकवरी जल्दी हो सकती है

अपडेटेड May 09, 2025 पर 7:10 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
दीपक शेनॉय का कहना है कि अगर आपका 5 साल तक का नजरिया है तो डिफेंस शेयरों में निवेश का बहुत अच्छा मौका है

भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई जारी है। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान थर्रा उठा है। बॉर्डर तनाव के माहौल पर प्रधानमंत्री मोदी की नजर बनी हुई है। मौजूदा हालात के मद्देनजर आज भी हाईलेवल बैठकों का दौर जारी है। तमाम अपडेट के साथ सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने पैरा मिलिट्री फोर्सेस के प्रमुखों के साथ बैठक की है। भारत-पाक टेंशन और बढ़ने के साथ ही प्रधानमंत्री लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

रक्षा मंत्री ने भी अहम बैठक की है। इस बैठक में पाकिस्तानी सीमा पर सुरक्षा हालात की समीक्षा की गई है। सेना की तैयारियों का जायजा लिया गया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान बैठक में मौजूद रहे। रक्षा सचिव और तीनों सेना के प्रमुख भी इस बैठक में मौजूद रहे।

Market outlook : गिरावट के साथ बंद हुए Sensex-Nifty, जानिए 12 मई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

भारत और पाकिस्तान के बढ़ते तनाव के बीच बाजार में अब क्या स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए इस पर चर्चा करते हुए कैपिटल माइंड के फाउंडर और CEO दीपक शेनॉय ने कहा कि इस बार की स्थिति थोड़ा अलग है। लेकिन अगर स्थितियां जल्दी सुधर जाती हैं और लड़ाई रुक जाती है तो बाजार में रिकवरी जल्दी हो सकती है। सीमित युद्ध में इकोनॉमी को बूस्ट मिलता है। कंपनियों को सरकार से बड़े-बड़े ऑर्डर मिलते हैं। हालांकि नैतिकता के नजरिए से यह कहना सही नहीं होगा की युद्ध से इकोनॉमी में तेजी आती है लेकिन पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो यही पता चलता है कि अगर लड़ाई सीमित रहे तो इससे इकोनॉमी में तेजी आती है।


ऐसे में मार्केट के हिसाब से आप जैसे निवेश कर रहे थे वैसे ही निवेश करते रहें। आमतौर पर सीमित युद्धों के के बाद इकोनॉमिक समृद्धि बढ़ती है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर किसी को फायदा होगा। इसमें कुछ कंपनियों और सेक्टरों को नुकसान हो सकता है। वहीं, कुछ को फायदा हो सकता है। ऐसे में हालात देख कर ही निवेश करें। लेकिन इतिहास तो यही बताता है कि युद्ध से इकोनॉमी को थोड़ा नुकसान तो होता है। लेकिन लड़ाई खत्म होने पर इकोनॉमिक गति विधियों में तेजी आती है और समृद्धि बढ़ती है। भारत की लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी मजबूत है। निवेशकों को 30 फीसदी तक गिरावट सहने के लिए तैयार रह कर लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना चाहिए।

दीपक शेनॉय का कहना है कि अगर आपका 5 साल तक का नजरिया है तो डिफेंस शेयरों में निवेश का बहुत अच्छा मौका है। मैन्युफैक्चरिंग और रेलवे शेयरों में भी आगे अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।