टेलीकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए सरकार सौगात लेकर आई है। सरकार टेलीकॉम इक्विपमेंट प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए PLI स्कीम के लिए फिर से आवेदन मंगाने की शुरुआत करने जा रही है। मौजूदा कंपनियां अपनी मैन्युफैक्चरिंग एक्सपेंशन के लिए दोबारा से आवेदन कर सकती हैं। सरकार ने दो साल पहले पीएलआई स्कीम को लॉन्च किया था। इसके तहत सरकार ने कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग पर इंसेटिव देने का ऐलान किया था। इसका कई कंपनियों से फायदा भी उठाया है। लेकिन अब सरकार इनकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है।
इस खबर पर ज्यादा डिटेल बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि सरकार टेलीकॉम इक्विपमेंट उत्पादन को बढ़ावा देना चाह रही है। इसलिए सरकार PLI स्कीम के लिए फिर आवेदन मंगाएगी। इसके तहत मौजूदा कंपनियां क्षमता विस्तार के लिए आवेदन कर सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक अगले 1 हफ्ते में आवेदन मंगाने की शुरुआत हो सकती है।
19,000 करोड़ रुपये के इक्विपमेंट का अब तक हुआ उत्पादन
असीम ने आगे कहा कि सरकार द्वारा पहले से जारी पीएलआई स्कीम के तहत अभी 42 कंपनियां इस PLI स्कीम का लाभ ले रही हैं। इस स्कीम के तहत अब तक 19,000 करोड़ रुपये के इक्विपमेंट का उत्पादन हो चुका है। अब तक 6,000 करोड़ रुपये के इक्विपमेंट का निर्यात भी हो चुका है। लेकिन सरकार अब इस आंकड़े में और इजाफा करना चाहती है। लिहाजा फिर से पीएलआई स्कीम के लिए आवेदन मंगाये जायेंगे।
असीम ने कहा कि पीएलआई स्कीम के लिए फिर से आवेदन मंगाये जाने का फायदा तेजस, ITI, डिक्सन, HFCL जैसी कंपनियों को होगा।
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