बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ से मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि जियोपॉलिटिकल से जुड़े करेक्शन खरीदारी का शानदार मौका होते हैं। इसके पिछले उदाहरण गल्फ वॉर और रूस-यूक्रेन जंग हैं। जियोपॉलिटिक्स में भारतीय बाजारों का अकेला रिस्क- क्रूड की कीमतें हैं। क्रूड कीमतों ने घटना भी शुरू कर दिया है। अगर आपसे पिछली रैली छूट गई है तो इस बार मौका ना छोड़ें। DIP और SIP फॉर्मूले का अभी इस्तेमाल करें। एक बार फिर, हर गिरावट में निफ्टी ETF में 20 फीसदी खरीदारी शुरू करें। पहला 20 फीसदी तो आज ही डाल सकते हैं, बाकी निवेश 200 अंक गिरने पर करें। निफ्टी के लिए सबसे खराब हालात में 20,800 का 200 DMA हो सकता है।
