Groww Share Price: एक तरफ दो दिनों की गिरावट से उबरते हुए सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty) आधे फीसदी से अधिक उछल पड़े तो दूसरी तरफ ग्रो की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (Billionbrains Garage Ventures) के शेयर 4% से अधिक टूट गए। 1.69% की हिस्सेदारी के बराबर शेयरों की ₹1999 करोड़ में ब्लॉक डील ने इसे बुरी तरह तोड़ दिया। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद अब भी यह कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.80% की गिरावट के साथ ₹190.05 पर है। इंट्रा-डे में यह 4.66% की गिरावट के साथ ₹188.35 पर है।
Block Deal में किसने बेचे Groww के शेयर और किस भाव पर?
ब्लॉक डील्स के जरिए ग्रो के 10.41 करोड़ शेयरों यानी 1.69% इक्विटी होल्डिंग की प्रति शेयर ₹192 के भाव पर ₹1999 करोड़ में बिक्री हुई। अभी ये शेयर किसने खरीदे और बेचे, आधिकारिक तौर पर इसका खुलासा नहीं हुआ है लेकिन 15 सितंबर को सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी थी कि पीक XV पार्टनर्स इंवेस्टमेंट्स VI-1 और सिकोईया कैपिटल ग्लोबल ग्रोथ फंड III-यूएस/इंडिया एनेक्स फंड ब्लॉक डील्स में शेयर बेच सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इसका बेस ऑफर साइज 1.6% इक्विटी होल्डिंग थी और फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹191.45 तय किया गया है। जून तिमाही के आखिरी में कंपनी में पीक XV पार्टनर्स इंवेस्टमेंट्स VI-1 की ग्रो में 15.68% तो सिकोईया कैपिटल ग्लोबल ग्रोथ फंड III-यूएस/इंडिया एनेक्स फंड की 1.46% हिस्सेदारी थी।
क्या है Jefferies का रुझान?
मंगलवार को जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया था कि ग्रो की कुल कमाई का लगभग 55% हिस्सा F&O से आता है तो CAS मामले को लेकर कोई भी समाधान आएगा तो वह ग्रो के लिए भी फायदेमंद होगा। जेफरीज का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-2029 के दौरान शुद्ध मुनाफे की सालाना 30% की ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए कई फैक्टर्स काम कर रहे हैं, जैसे कि ब्रोकिंग बिजनेस में 18% की बढ़ोतरी, एमटीएफ और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी नई पहल और मार्जिन में 10 पर्सेंटेज प्वाइंट्स की बढ़ोतरी।
इस वित्त वर्ष 2027 के आखिरी तक ग्रो की अपने प्लेटफॉर्म पर अमेरिकी स्टॉक्स जोड़ने की योजना है और ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इससे वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित कमाई 5-9% तक और बढ़ सकती है।
इन सब बातों को देखते हुए जेफरीज ने ग्रो को सिर्फ खरीदारी की ही रेटिंग में नहीं रखा है बल्कि इसे फाइनेंशियल आउटपरफॉर्मर्स की लिस्ट में भी रखा है। इस लिस्ट में जेफरीज ऐसे स्टॉक्स रखती है, जिनमें अगले तीन सालों में अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट को 25% CAGR या उससे अधिक की रफ्तार से बढ़ाने की क्षमता होती है।
अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?
ग्रो के शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹100 के भाव पर जारी हुए थे और इसकी मार्केट में पिछले साल 12 नवंबर 2025 को एंट्री हुई थी। 29 अप्रैल 2026 को बीएसई पर यह ₹227.00 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर था। फिलहाल तो इस हाई से यह काफी नीचे है लेकिन अब आगे की बात करें जेफरीज ने इसे ₹240 के टारगेट प्राइस पर खरीदारी की रेटिंग दी है यानी कि इसके शेयरों के अब तक के रिकॉर्ड हाई लेवल से भी ऊपर। लिस्टिंग के बाद बीएसई पर इसका रिकॉर्ड निचला स्तर ₹112.02 है जो इसने लिस्टिंग के दिन ही छुआ था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।