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Small Cap Stocks: ऑल टाइम हाई से 40% नीचे हैं आधे स्मॉल कैप स्टॉक्स, निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?

Small Cap Stocks: भारतीय बाजार में करीब आधे स्मॉल कैप शेयर ऑल टाइम हाई से 40 प्रतिशत नीचे हैं। गिरावट वैल्यूएशन को आकर्षक बना सकती है, लेकिन उतार चढ़ाव भी ज्यादा है। जानिए निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Feb 17, 2026 पर 5:23 PM
Small Cap Stocks: ऑल टाइम हाई से 40% नीचे हैं आधे स्मॉल कैप स्टॉक्स, निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?
स्मॉल कैप कंपनियां अक्सर उन सेक्टरों में काम करती हैं जो अभी तेजी से उभर रहे हैं।

Small Cap Stocks: भारतीय शेयर बाजार में करीब आधे स्मॉल कैप शेयर इस समय अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 40 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहे हैं। Abakkus Mutual Fund की एक आंतरिक स्टडी में यह सामने आया है। इससे साफ है कि हाल की बाजार गिरावट ने ब्रॉडर मार्केट की वैल्यूएशन को काफी प्रभावित किया है।

इस स्टडी में ₹2,000 करोड़ से ₹34,700 करोड़ के मार्केट कैप वाली कंपनियों को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि इस दायरे की बड़ी संख्या में शेयर अपने पीक लेवल से तेज गिरावट झेल चुके हैं। रिटेल निवेशकों के लिए ऐसी गिरावट कम एंट्री प्राइस का मौका दे सकती है, लेकिन इसके साथ ज्यादा उतार चढ़ाव और जोखिम भी जुड़ा रहता है।

स्मॉल कैप शेयरों की पोर्टफोलियो में अहमियत

पिछले छह साल में स्मॉल कैप सेगमेंट का आकार तेजी से बढ़ा है। 2019 से 2025 के बीच इनका कुल मार्केट कैप ₹16 ट्रिलियन से बढ़कर ₹83 ट्रिलियन हो गया, यानी करीब 5.3 गुना बढ़ोतरी। इसी दौरान लार्ज कैप 2.55 गुना और मिड कैप 3.89 गुना बढ़े।

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