HCLTech ने बेंगलुरु में एडवांस्ड सेमीकंडक्टर लैब शुरू की, ₹185 करोड़ का निवेश

HCLTech ने बेंगलुरु में ₹185 करोड़ के निवेश से Advanced Semiconductor Lab शुरू की है। 40,000 वर्ग फीट की इस लैब में टेस्टिंग, वैलिडेशन और फेल्योर एनालिसिस की सुविधा है। जानिए कंपनी की नई लैब में क्या खास है और शेयर का हाल।

अपडेटेड Sep 08, 2026 पर 6:17 PM
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HCLTech का शेयर मंगलवार को करीब 0.5% गिरकर ₹1,276.80 पर बंद हुआ।

आईटी कंपनी HCLTech ने बेंगलुरु में Advanced Semiconductor Lab शुरू की है। कंपनी ने इसमें ₹185 करोड़ का निवेश किया है। इसका मकसद सेमीकंडक्टर टेस्टिंग और इंजीनियरिंग की क्षमता बढ़ाना है।

यह लैब 40,000 वर्ग फीट में फैली है। इसमें 25,000 वर्ग फीट का Class 10K और Class 1K क्लीनरूम है। यहां सेमीकंडक्टर की टेस्टिंग से लेकर उसमें खराबी खोजने तक का काम होगा।

एक ही जगह पर कई काम


लैब में इलेक्ट्रिकल वैलिडेशन, ऑटोमेटेड टेस्टिंग, क्वालिफिकेशन और फेल्योर एनालिसिस की सुविधा होगी। यानी चिप के डिजाइन से लेकर तैयार सेमीकंडक्टर पार्ट की जांच तक कई काम एक ही जगह हो सकेंगे।

कंपनी का कहना है कि इससे ग्राहकों को काम जल्दी पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, क्वालिटी बेहतर होगी और प्रक्रिया आसान होगी।

इन कंपनियों के टूल्स लगाए गए

लैब में Teradyne, Advantest, Keysight, Tektronix और Thermo Fisher Scientific के टूल्स लगाए गए हैं।

इनका इस्तेमाल रिसर्च एंड डेवलपमेंट, प्री-प्रोडक्शन और प्रोडक्शन क्वालिफिकेशन में होगा।

भारत और विदेशों के ग्राहकों को सेवा

HCLTech की यह सुविधा घरेलू और विदेशी दोनों ग्राहकों के लिए काम करेगी। कंपनी का कहना है कि इससे भारत से सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस देने की उसकी क्षमता बढ़ेगी।

लैब के लिए ISO 17025, ISO 9001, AS 9100 और ISO 13485 जैसे ग्लोबल सर्टिफिकेशन हासिल करने की तैयारी भी है।

फेल्योर एनालिसिस की भी सुविधा

लैब में सिर्फ चिप की टेस्टिंग नहीं होगी। अगर किसी सेमीकंडक्टर में खराबी आती है, तो उसकी वजह भी खोजी जाएगी।

इसके लिए ऑप्टिकल और इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी के साथ फोकस्ड आयन बीम सिस्टम लगाए गए हैं। क्लीनरूम में ऑटोमेटेड टेस्ट इक्विपमेंट, टेस्टर्स, प्रोब्स और क्वालिफिकेशन चैंबर भी हैं।

HCLTech ने क्या कहा?

HCLTech के कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट और इंजीनियरिंग एंड R&D सर्विसेज के ग्लोबल हेड Hari Sadarahalli ने इसे कंपनी के लिए अहम कदम बताया।

उन्होंने कहा कि यह निवेश हाई-एंड इंजीनियरिंग क्षमता बढ़ाने की कंपनी की कोशिश का हिस्सा है। साथ ही, इससे भारत को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।

सेमीकंडक्टर में 20 साल का अनुभव

HCLTech के पास सेमीकंडक्टर क्षेत्र में करीब दो दशक का अनुभव है। कंपनी के मुताबिक, नई लैब इंटीग्रेटेड सेमीकंडक्टर टेस्टिंग की उसकी क्षमता को और मजबूत करेगी।

HCLTech के 60 देशों में 2.23 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। जून 2026 को खत्म हुए 12 महीनों में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू $14.8 अरब रहा।

HCLTech के शेयरों का हाल

HCLTech का शेयर मंगलवार को करीब 0.5% गिरकर ₹1,276.80 पर बंद हुआ। 2026 में अब तक शेयर करीब 22% नीचे है।

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