HDB फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शेयरों में 16 जुलाई को पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी। अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे सामने आने के बाद शेयर ने शुरुआत हरे निशान में की। फिर बीएसई पर पिछले बंद भाव से 4.5 प्रतिशत तक उछलकर 786.20 रुपये के हाई तक गया। उसके बाद इसमें बिकवाली शुरू हुई और कीमत 746.65 रुपये के लो तक गई। कंपनी की तिमाही परफॉरमेंस अच्छी रही है, लेकिन इसके बावजूद शेयर लाल निशान में आ गया है। HDB फाइनेंशियल सर्विसेज, HDFC बैंक की NBFC शाखा है।
जून 2026 तिमाही के दौरान HDB फाइनेंशियल सर्विसेज ने 785 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा दर्ज किया। यह पिछले साल की समान तिमाही के 568 करोड़ रुपये के मुनाफे के मुकाबले 38.3 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी की शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 2,509 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 2,092 करोड़ रुपये थी। कुल आय 16.8 प्रतिशत बढ़कर 3,185 करोड़ रुपये रही, जो जून 2025 तिमाही में 2,726 करोड़ रुपये थी।
जून 2026 तिमाही के दौरान HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेशियो घटकर 2.34 प्रतिशत पर आ गया। एक साल पहले यह 2.56 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 1.04 प्रतिशत रहा, जो जून 2025 तिमाही में 1.11 प्रतिशत था। कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 11.3 प्रतिशत बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए।
आगे मैनेजमेंट को क्या उम्मीद
HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के मैनेजमेंट को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही यानि जुलाई-सितंबर से बिजनेस की रफ्तार बेहतर होगी और कंपनी धीरे-धीरे लगभग 18% लोन ग्रोथ के स्तर पर वापस आ जाएगी। पोर्टफोलियो रीस्ट्रक्चरिंग पूरी होने के बाद एसेट फाइनेंस ग्रोथ में सुधार की उम्मीद है। वहीं बिजनेस लोन ग्रोथ दूसरी तिमाही से मजबूत होने और तीसरी तिमाही में और तेज होने की संभावना है।
कंपनी को अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में बढ़ोतरी की काफी गुंजाइश दिख रही है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 8% से ऊपर रहने की उम्मीद है, और वह लगभग 2.5% के रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) का लक्ष्य रख रही है। दूसरी तिमाही में फंड की लागत मोटे तौर पर स्थिर रहने की संभावना है। मैनेजमेंट ने कहा कि वह मॉनसून, अल नीनो की संभावना, ईंधन की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम जैसे बाहरी कारकों पर नजर रखना जारी रखेगा।
Q1 रिजल्ट के बाद ब्रोकरेज फर्मों की राय
ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग के साथ 900 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने ऊंची ब्याज दरों और भूराजनीतिक चुनौतियों जैसी सेक्टर-लेवल की मुश्किलों के बावजूद अपनी बेहतर होती कमाई की रफ्तार बनाए रखी है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में इक्विटी पर रिटर्न 15 प्रतिशत रहा। ब्रोकरेज का मानना है कि FY26–28E के दौरान कंपनी की क्रेडिट ग्रोथ 17–18 प्रतिशत CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) तक बढ़ने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने स्टॉक पर अपनी 'न्यूट्रल' रेटिंग को दोहराया है और 810 रुपये प्रति शेयर का प्राइस टारगेट बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने कहा कि मौजूदा वैल्यूएशन काफी हद तक कंपनी की मीडियम-टर्म ग्रोथ की संभावनाओं को दिखाते हैं। हालांकि यह भी कहा कि स्टॉक पर ज्यादा सकारात्मक रुख अपनाने से पहले वह लोन ग्रोथ पर बेहतर काम, इंडस्ट्री और प्रोडक्ट साइकिल को संभालने की बेहतर क्षमता, और रिटर्न रेश्यो में स्ट्रक्चरल सुधार के साफ सबूत देखना चाहेगी।
नोमुरा ने HDB फाइनेंशियल सर्विसेज पर अपनी 'न्यूट्रल' रेटिंग और 790 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। जेफरीज ने 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 805 रुपये से बढ़ाकर 845 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। मॉर्गन स्टेनली ने 'इक्वल वेट रेटिंग और 800 रुपये प्रति शेयर का टारगेट बरकरार रखा है। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल ने 'रिड्यूस' रेटिंग बरकरार रखी है, टारगेट प्राइस 675 रुपये से बढ़ाकर 725 रुपये कर दिया है।