HDFC Bank News : HDFC बैंक ने एक बयान में बताया कि बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने HDFC बैंक के उस अनुरोध को मंज़ूरी दे दी है,जिसमें केकी मिस्त्री को 19 मार्च से तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की बात कही गई थी।
अपने पत्र में चक्रवर्ती ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर हुई कुछ घटनाओं और कार्यप्रणालियों से वे सहमत नहीं थे, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है। ये 2021 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे।
अतानु चक्रवर्ती ने इस्तीफ़े के लिए लिखे गए पत्र में कहा कि पिछले दो सालों में उन्होंने बैंक में कुछ ऐसी घटनाएं और तौर-तरीके देखे जो उनके निजी मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया है। इसके अलावा उनके इस्तीफे की कोई और बड़ी वजह नहीं है।
बैंक के ADRs में दिखी गिरावट
चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद, HDFC बैंक के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) IST 12:30 बजे के आसपास लगभग 3 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहे थे। HDFC Bank के शेयर कल 2.30 रुपए यानी 0.27 फीसदी की गिरावट के साथ 843.05 रुपए पर बंद हुए थे। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,020.50 रुपए और 52 वीक लो 812.00 रुपए है। बैंक का मार्केट कैप 1,297,621 करोड़ रुपए है। पिछले 1 हफ्ते में ये शेयर 1.09 फीसदी बढ़ा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 8.83 फीसदी और 1 साल में 2.66 फीसदी की गिरावट आई है। 3 साल में ये शेयर 7.21 फीसदी बढ़ा है।
बैंक की प्रगति में निभाई अहम भूमिका
इसके अलावा, चक्रवर्ती ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने HDFC बैंक और HDFC Ltd के विलय जैसे ग्रोथ को गति देने वाले इवेंट्स की देखरेख की। इस रणनीतिक कदम के पूरे फ़ायदे अभी पूरी तरह से सामने आने बाकी हैं।
इस बारे में बैंक की तरफ से कहा गया है कि उसके बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने चक्रवर्ती के कार्यकाल के दौरान उनके योगदान की सराहना की है। इस प्राइवेट बैंक ने यह भी दावा किया है कि इस्तीफ़े के पत्र में बताए गए कारणों के अलावा इस इस्तीफे का कोई और कारण नहीं है। इसके अलावा, श्री चक्रवर्ती किसी दूसरी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर नहीं हैं।
बैंक के वित्तीय प्रदर्शन पर एक नजर
इस साल जनवरी में, बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफ़िट में 11.5% की सालाना बढ़ोतरी की जानकारी दी थी। इसमें स्थिर कोर इनकम ग्रोथ, मज़बूत डिपॉज़िट मोबिलाइज़ेशन और स्थिर एसेट क्वालिटी का योगदान रहा। हालांकि इस अवधि में बैंक की मार्जिन पर दबाव देखने को मिला। देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर लेंडर ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में 18,654 करोड़ रुपये का प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स (PAT) हासिल किया, जो पिछले साल इसी अवधि में 16,736 करोड़ रुपये रहा था।