Technical View : निफ्टी ने लगातार तीसरे सत्र में अपनी तेजी जारी रखी। इस तेजी को जो बात खास बनाती है,वह यह है कि इंडेक्स ने 11-15 अप्रैल के बीच बने 283 अंकों के गैप को भर दिया है और पिछले तीन दिनों में लगभग 3.6% की बढ़त हासिल की है। हालांकि,यह तेजी अभी तक किसी ट्रेंड रिवर्सल (रुझान में बदलाव) के बजाय एक अस्थायी राहत ज़्यादा लग रही है। निफ्टी अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ही ट्रेड कर रहा है,जो इस बात का संकेत है कि बेसिक रुझान अभी भी कमज़ोर बना हुआ है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स भी सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं। हालांकि RSI हाल के 24 के निचले स्तर से उबर गया है,लेकिन अभी तक 40 के स्तर को फिर से हासिल नहीं कर पाया है। DI- आराम से DI+ से ऊपर बना हुआ है,जो लगातार बेयरिश रझान हावी होने का संकेत है। वहीं, MACD लाइन अभी भी ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों से नीचे है। पुलबैक को बनाए रखने के लिए, Nifty को धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ना जारी रखना होगा। मौजूदा स्तरों से कोई भी मज़बूत रिवर्सल कैंडल नए सिरे से नीचे की ओर दबाव पैदा कर सकती है।
सेक्टोरल फ्रंट पर, Nifty Media सबसे ज़्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। यह 3.35% की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके बाद Nifty IT रहा, जो 2.78% की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह पिछले दो महीनों में इसकी सबसे अच्छी क्लोजिंग थी। दूसरी ओर, Nifty CPSE, Nifty Metal और FMCG तीन ऐसे सेक्टर रहे जो गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें 0.05-0.10% की रेंज में नुकसान हुआ। शेयरों की बात करें तो, JIOFIN और ETERNAL सबसे ज़्यादा बढ़त वाले दो शेयर रहे,जबकि CIPLA और HINDUNILVR सबसे ज़्यादा नुकसान वाले शेयर साबित हुए।
मिड और स्मॉल कैप ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। मिडकैप और स्मॉल-कैप दोनों इंडेक्स 1.6-2% की बढ़त के साथ बंद हुए और डेली चार्ट पर बड़े 'बुलिश कैंडल' बनाए। दोनों इंडेक्स लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए,जो छोटे-मझोले शेयरों में निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है। मिडकैप इंडेक्स के लिए,55000 के स्तर से ऊपर बने रहना तेज़ी को जारी रखने के लिए जरूरी होगा। जबकि स्मॉल-कैप इंडेक्स के लिए 15800-15900 का स्तर एक मज़बूत 'सपोर्ट ज़ोन' का काम कर सकता है।
आज मार्केट ब्रेथ में भी सुधार दिखा है। दिन के अंत में बढ़त-गिरावट का अनुपात (advance-decline ratio) पूरी तरह से 'बुल'(खरीदारों) के पक्ष में था। Nifty 500 के कुल 420 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए हैं।
आगे Nifty के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 23900-23950 के ज़ोन होने की संभावना। इस ज़ोन के ऊपर कोई भी टिकाऊ चाल Nifty को 24100 की ओर और उसके बाद कम समय में 24300 की ओर बढ़ने में मदद कर सकती है। दूसरी ओर 23600–23550 का ज़ोन एक मज़बूत सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है।
पिछले तीन सत्रों में Bank Nifty में भी एक मज़बूत वापसी देखने को मिली है। दिलचस्प बात यह है कि यह वापसी सितंबर 2025 के अपने निचले स्तरों के आस-पास से हुई है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां से इस इंडेक्स ने पहले के तीन महीनों में लगभग 10% की बढ़त हासिल की थी। इस वापसी को बनाए रखना बेहद ज़रूरी है,क्योंकि कोई भी तेज़ गिरावट वाली कैंडल इस रिकवरी को रोक सकती है और इंडेक्स को फिर से नीचे धकेल सकती है।
Bank Nifty के लिए, तत्काल रेजिस्टेंस 55600–55700 ज़ोन में है। इस ज़ोन के ऊपर कोई भी टिकाऊ चाल Bank Nifty को 56000 की ओर और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 56300 की ओर अपना पुलबैक बढ़ाने में मदद कर सकती है। नीचे की ओर 55000–54900 का ज़ोन एक मज़बूत सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है।
सुदीप शाह, हेड- टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, SBI सिक्योरिटीज
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