Market outlook : लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 मार्च को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Stock Market : निफ्टी में आज लगातार तीसरे सेशन में भी तेज़ी जारी रही। हालांकि, इंडेक्स एक बार फिर 23850 के स्तर से ऊपर टिकने में नाकाम रहा। जैसे ही निफ्टी इस स्तर के करीब पहुंचा,प्रॉफ़िट बुकिंग शुरू हो गई। आगे भी 23850-24000 का ज़ोन एक मज़बूत रेजिस्टेंस बैंड के तौर पर काम करता रहेगा
Market cues : लंबी अवधि के लिए वैल्यू बनी हुई है,लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव,कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और रुपये में लगातार गिरावट के चलते,शॉर्ट टर्म में तेज़ी की गुंजाइश सीमित ही रहेगी
Stock Market : 18 मार्च को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मज़बूत बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,750 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 633.29 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 76,704.13 पर और निफ्टी 196.65 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 23,777.80 पर बंद हुआ। लगभग 3045 शेयरों में बढ़त हुई, 1073 शेयरों में गिरावट आई और 128 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। FMCG और मेटल को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इनमें रियल्टी,IT,ऑटो,मीडिया,कैपिटल गुड्स,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,टेलीकॉम और इंफ्रा में 1-3% की बढ़त देखने को मिली।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त हासिल करने वाले शेयरों में Jio Financial, Tech Mahindra, Infosys, Eternal और M&M शामिल रहे। जबकि Coal India, NTPC, HUL, Cipla और Sun Pharma में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी पिछले तीन सेशन से पॉजिटिव क्लोजिंग दे रहा है। सोमवार को यह डेली टाइमफ्रेम पर 'पियर्सिंग लाइन पैटर्न'(बुलिश रिवर्सल पैटर्न) के साथ बंद हुआ। मंगलवार को यह आवरली चार्ट पर'फॉलिंग चैनल'को तोड़कर ऊपर बंद हुआ और बुधवार को यह 23.60% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बंद हुआ है।
डेली RSI'डीप ओवरसोल्ड ज़ोन'से पलट गया है और अभी यह 'बुलिश क्रॉसओवर' में है जो पॉजिटिव मोमेंटम का संकेत है। आगे बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव रहने की संभावना है और इसके 24250 के लेवल तक ऊपर जाने की गुंजाइश है। वहीं,23500 पर एक सपोर्ट मौजूद है,जो शॉर्ट-टर्म के लिए सपोर्ट का काम करता रहेगा।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ में AVP, रिसर्च एडवाइज़री विष्णु कांत उपाध्याय का कहना है कि निफ्टी में आज लगातार तीसरे सेशन में भी तेज़ी जारी रही। हालांकि, इंडेक्स एक बार फिर 23850 के स्तर से ऊपर टिकने में नाकाम रहा। जैसे ही निफ्टी इस स्तर के करीब पहुंचा,प्रॉफ़िट बुकिंग शुरू हो गई। आगे भी 23850-24000 का ज़ोन एक मज़बूत रेजिस्टेंस बैंड के तौर पर काम करता रहेगा। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो यह रेंज बार-बार एक अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस एरिया दोनों के तौर पर काम करता रहा है,जिससे यह तकनीकी रूप से काफ़ी अहम हो जाता है।
इसके अलावा,इन स्तरों के आसपास कॉल राइटिंग का भारी जमावड़ा तेज़ी को रोक रहा है और मौजूदा रैली की स्टेबिलिटी को सीमित कर रहा है। अगर निफ्टी 23850 के स्तर को मज़बूती से पार कर लेते है तो यह धीरे-धीरे 24000 की ओर बढ़ सकता है,जिसके बाद यह 24200-24300 के ज़ोन की ओर भी जा सकता है,जहां 21 डे EMA मौजूद है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि हाल की बिकवाली के बाद,मौके का फ़ायदा उठाते हुए की गई खरीदारी के सहारे घरेलू बाज़ारों में सुधार जारी रहा। यह सुधार काफ़ी व्यापक था,जिसे शॉर्ट कवरिंग और वैल्यू बाइंग से बढ़ावा मिला। आज की तेजी में IT, रियल्टी और ऑटो सेक्टर का सबसे ज्यादा योगदान रहा। साथ ही मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी मज़बूती देखने को मिली।
लंबी अवधि के लिए वैल्यू बनी हुई है,लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव,कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और रुपये में लगातार गिरावट के चलते,शॉर्ट टर्म में तेज़ी की गुंजाइश सीमित ही रहेगी।
निवेशक अब दुनिया के बड़े सेंट्रल बैंकों जैसे, US Fed, ECB, बैंक ऑफ जापान और बैंक ऑफ इंग्लैंड के नीतिगत फ़ैसलों का इंतज़ार कर रहे हैं। इन फ़ैसलों से मिलने वाले संकेत अमेरिका-ईरान संघर्ष के ब्याज दरों पर पड़ने वाले असर का आकलन करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि Bank Nifty अपने हाल के हाई से लो तक मापे गए 23% रिट्रेसमेंट स्तर से ऊपर बंद हुआ है। ये गिरावट के बाद मज़बूती के शुरुआती संकेत हैं। घंटे भर के चार्ट पर इंडेक्स ने अपना 50 SMA वापस पा लिया है,जो नियर टर्म के लिए बेहतर हो रहे मोमेंटम का संकेत है। डेली टाइमफ़्रेम पर RSI एक बुलिश क्रॉसओवर के करीब पहुंच रहा हैष जबकि घंटे भर के चार्ट पर यह पहले ही एक बुलिश दौर में प्रवेश कर चुका है।
ऐसे में यह रिकवरी 56,400 तक बढ़ सकती है,जो 38.2% रिट्रेसमेंट स्तर के मुताबिक है। हालांकि, 55,900 के करीब रुकावट (resistance) होने की संभावना है,जबकि तत्काल सपोर्ट 54,600 के स्तर पर है।
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