Sensex Rally: सेंसेक्स 3 दिन में 2,700 अंक उछला, क्या अब बाजार लेगा 'ब्रेक' या छुएगा नया आसमान?
Share Market Rally: पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों में इस हफ्ते तेजी लौटी है। सेंसेक्स पिछले 3 दिनों में करीब 2,700 अंक उछल चुका है। वहीं निफ्टी में लगभग 3.5% की तेजी आई है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब बाजार थोड़ा ठहराव लेगा या इस तेजी में अभी और दम बाकी है?
Share Market Rally: एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार का वैल्यूएशन अब लंबे समय के औसत के करीब आ चुके हैं
Share Market Rally: पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों में इस हफ्ते तेजी लौटी है। सेंसेक्स पिछले 3 दिनों में करीब 2,700 अंक उछल चुका है। वहीं निफ्टी में लगभग 3.5% की तेजी आई है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब बाजार थोड़ा ठहराव लेगा या इस तेजी में अभी और दम बाकी है?
पिछले हफ्ते तक अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार को दबाव में रखा था, लेकिन इस हफ्ते हालात कुछ सुधरते नजर आए हैं। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है और तेल की ऊंची कीमतें महंगाई को बढ़ा सकती हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार की मौजूदा तेजी के पीछे कुछ मजबूत फैक्टर्स काम कर रहे हैं। वैल्यूएशन अब लंबे समय के औसत के करीब आ चुके हैं और FY27 में 15–17% की अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद बाजार को सपोर्ट दे रही है। इसके अलावा, भारत की घरेलू इकोनॉमी में मजबूती, सरकार का बढ़ता कैपिटल एक्सपेंडिचर, क्रेडिट ग्रोथ और इनवेस्टमेंट साइकिल में सुधार भी बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत हैं।
टाटा म्यूचुअल फंड के अनुसार, लार्ज कैप शेयर इस समय बेहतर स्थिति में हैं क्योंकि उनकी वैल्यूएशन आकर्षक है और कमाई स्थिर है। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप में भी मौके हैं, लेकिन यहां स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति अपनाना जरूरी है।
हालांकि, Axis सिक्योरिटीज का मानना है निफ्टी के लिए 24,000–24,150 का रेंज दिशा तय कर सकता है। ब्रोकरेज ने कहा, “इंडेक्स ने स्पिनिंग टॉप कैंडल बनाई, जो साफ तौर पर अनिश्चितता को दिखाता है। बाजार इस समय अमेरिका के केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व की बैठक के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि फिलहाल बाजार में ठहराव है, लेकिन सामान्य माहौल सतर्क बना हुआ है, और ट्रेडर्स ग्लोबल संकेतों से दिशा तलाश रहे हैं।
तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी के लिए 24,000–24,150 का स्तर एक मजबूत रेसिस्टेंस माना जा रहा है। वहीं नीचे की ओर 23,000–22,900 का स्तर अहम सपोर्ट है। ब्रोकरेज का कहना है कि इन स्तरों के बीच बाजार की दिशा तय होगी।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, “निफ्टी के लिए 23,700 का स्तर चुनौती बना सकता है। इसे पार करना जरूरी है ताकि निफ्टी का अगला लक्ष्य 23,990 तक जा सके। वहीं अगर शुरुआती कमजोरी आती है, तो 23,550 का स्तर संभालना जरूरी होगा ताकि निफ्टी जल्दी ऊपर की ओर बढ़ सके। अगर यह स्तर टूटता है, तो निफ्टी 23,300-23,130 के रेंज तक गिर सकता है।”
HDFC सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च हेड, देवर्ष वकील ने बताया, “हम उम्मीद कर रहे हैं कि विदेशी निवेशक जब इंडेक्स फ्यूचर्स में अपनी शॉर्ट पोजिशन को बंद करना शुरू करेंगे, तब बाजार में तेजी आएगी।”
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, ट्रेडर्स अभी बैंकिंग, फाइनेंशियल और कैपिटल गुड्स सेक्टर के शेयरों पर ध्यान दे सकते हैं, क्योंकि इनमें बाकी सेक्टर के मुकाबले ज्यादा मजबूती दिख रही है। हालांकि, बाजार के इंडेक्स अहम स्तरों के करीब पहुंच रहे हैं, इसलिए किसी एक शेयर को चुनकर सोच-समझकर निवेश करना और जोखिम को कंट्रोल में रखना जरूरी है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, युद्ध को लेकर अनिश्चितता के बावजूद बाजार में वापसी (रिकवरी) देखने को मिली है। इस रिकवरी की एक बड़ी वजह यह है कि कच्चे तेल की कीमतें करीब 102 डॉलर के आसपास बनी हुई हैं और 120 डॉलर से ऊपर जाने का डर अभी सच नहीं हुआ है। आने वाले समय में बाजार का रुख ऐसा रह सकता है कि अच्छी खबरों पर हल्की तेजी दिखेगी, जबकि खराब खबरों पर गिरावट देखने को मिल सकती है।
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