Stock Markets: क्या यह सस्ते भाव पर खरीदारी का मौका है या अभी निवेश करना रिस्की है?

Stock Markets: एक साल पहले वैल्यूएशंस भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ी चिंता थी। शेयरों की कीमतें फंडामेंटल्स से आगे निकल गई थीं। इनवेस्टर्स की निगाहें कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ पर लगी थीं। आज हालात अलग हैं। इस साल शेयर बाजार में आई गिरावट से वैल्यूएशंस घटी है

अपडेटेड Mar 18, 2026 पर 3:30 PM
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निफ्टी ने बीते छह महीनों में 6 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है।

Stock Markets: शेयर बाजार में आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कई इनवेस्टर्स अभी नया निवेश करने से डर रहे हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई का असर शेयर बाजारों पर पड़ा है। हालांकि, इस महीने बाजार में आई गिरावट से कई शेयर काफी सस्ते हो गए हैं। सवाल है कि क्या यह बाजार में खरीदारी का मौका है या अभी निवेश करने में रिस्क है?

हालिया गिरावट से वैल्यूएशंस घटी है

एक साल पहले वैल्यूएशंस भारतीय Share markets के लिए बड़ी चिंता थी। शेयरों की कीमतें फंडामेंटल्स से आगे निकल गई थीं। इनवेस्टर्स की निगाहें कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ पर लगी थीं। आज हालात अलग हैं। इस साल शेयर बाजार में आई गिरावट से वैल्यूएशंस घटी है। दिसंबर तिमाही में अर्निग्स ग्रोथ में इम्प्रूवमेंट दिखा था। लेकिन, मध्यपूर्व में लड़ाई ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है।


कई सेक्टर्स में टाइम करेक्शन देखने को मिला है

बिड़ला सनलाइफ एएमसी के एमडी और सीईओ ए बालासुब्रमणियन ने हाल में एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में मनीकंट्रोल को बताया कि इनवेस्टर्स अभी एकमुश्त निवेश के बारे में सोचना शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "बीते दो-ढाई साल में मार्केट में कई सेक्टर्स में टाइम करेक्शन देखने को मिला है। इससे वैल्यूएशंस में कमी आई है। निफ्टी और मिडकैप-स्मॉलकैप सेगमेंट में हालिया करेक्शन से वैल्यूएशंस अब लॉन्ग-टर्म एवरेजेज के करीब या नीचे आ गए हैं।"

करेंट लेवल पर मार्केट को मिल रहा सपोर्ट

उन्होंने कहा, "मार्केट्स को अब करेंट लेवल पर सपोर्ट मिलता दिख रहा है। इससे यहां से और गिरावट का रिस्क घटेगा।" अभी Sensex और Nifty में एक साल के फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल के करीब 17.8 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह अप्रैल 2023 के बाद सबसे कम है। यह वैल्यूएशंस सेंसेक्स के 10-साल के औसत 19.8 गुना और निफ्टी के 18.99 गुना से कम है।

बाजार में तेजी की संभावनाओं पर नहीं पड़ा असर

निफ्टी ने बीते छह महीनों में 6 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। शॉर्ट टर्म में बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। लेकिन, बाजार में तेजी की संभावनाओं पर असर नहीं पड़ा है। सुब्रमणियन ने कहा, "यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि बाजार पर पॉजिटिव असर डालने वाली अगली खबर कब आएगी।" अर्निंग्स ग्रोथ, ऑयल की कीमतें और जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स के बारे में उन्होंने कहा कि अगर ये चिंताएं खत्म हो जाती हैं तो मार्केट में बड़ी तेजी आ सकती है।

शेयरों में निवेश करने का यह सही समय

SAMCO Securities में रिसर्च एनालिस्ट राज गायकर के मुताबिक, माइक्रोकैप सेगमेंट में करीब 31 शेयरों में अभी प्राइस-टू-बुक मल्टीपल्स से कम पर कारोबार हो रहा है। ऐतिहासिक रूप से इस लेवल को शेयरों में निवेश बढ़ाने के मौके के रूप में देखा जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैल्यूएशंस में कमी, मार्केट में स्टैबलाइजेशन के संकेत और तेजी की संभावना को देखते हुए यह शेयरों में निवेश करने का सही समय लगता है।

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3-5 साल के लिए एकमुश्त निवेश किया जा सकता है

शेयर डॉट मार्केट में इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स के हेड निलेश डी नायक ने कहा, "अभी निवेश करना समझदारी है, लेकिन इसके लिए निवेश की अवधि और रिस्क लेने की क्षमता को लेकर इनवेस्टर्स की सोच स्पष्ट होनी चाहिए। कई सेक्टर्स में गिरावट के बाद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौके दिख रहे हैं।" एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निवेशक 3-5 साल के लिए निवेश करना चाहता है और शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बर्दाश्त करने के लिए तैयार है तो वह एकमुश्त निवेश कर सकता है। अगर निवेशक बड़े अमाउंट का निवेश करना चाहता है तो वह रिस्क कम करने के लिए धीर-धीरे निवेश कर सकता है।

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