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HDFC Bank के एमडी शशिधर जगदीशन ने कहा-एचडीएफसी के विलय के फैसले का अफसोस नहीं

एचडीएफसी बैंक ने अप्रैल 2022 में एचडीएफसी के विलय का ऐलान किया था। विलय की यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इससे एचडीएफसी बैंक एक बड़े फाइनेंशियल सर्विसेज इंस्टीट्यूशन के रूप में उभरा है। इसका एसेट बेस 18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 10, 2024 पर 5:11 PM
HDFC Bank के एमडी शशिधर जगदीशन ने कहा-एचडीएफसी के विलय के फैसले का अफसोस नहीं
HDFC Bank के शेयर 9 अगस्त को 0.44 फीसदी उछाल के साथ 1,650 रुपये पर बंद हुए थे। इस साल बैंक के शेयर का रिटर्न निगेटिव रहा है।

एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ शशिधर जगदीशन ने कहा है कि उन्हें एचडीएफसी बैंक में एचडीएफसी के विलय के फैसले का कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने बैंक की अनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में यह बात कही। एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने भी विलय के बारे में अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विलय से न सिर्फ बैंक के लिए भविष्य में ग्रोथ का रास्ता बना है बल्कि यह एक बड़ा फाइनेंशियल सर्विसेज इंस्टीट्यूशन बना है।

विलय के बाद बढ़ी है एचडीएफसी बैंक की क्षमता

चक्रवर्ती ने कहा कि HDFC का इंटिग्रेशन सफल रहने से एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की कैपेसिटी काफी बढ़ी है। इससे यह ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दे रहा है और नए ग्राहकों को अट्रैक्ट कर रहा है। उन्होंने इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए मॉनेटरी पॉलिसी के स्तर पर उठाए गए कदमों से पड़ने वाले असर के बारे में भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने आश्वस्त किया कि इसके पड़ने वाले आर्थिक असर को लेकर एचडीएफसी बैंक सावधानी बरत रहा है।

2022 में हुआ था एचडीएफसी के विलय का फैसला

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