HDFC Bank News: एचडीएफसी बैंक से अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे ने इनवेस्टर्स और एनालिस्ट्स को हैरान किया है। उन्होंने 18 मार्च को इस्तीफा दिया। वह बैंक में पार्ट-टाइम चेयरमैन थे। एचडीएफसी बैंक देश का सबसे बड़ा प्राइवेट है। चक्रवर्ती ने बैंक में गवर्नेंस के मसले पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले बैंक के गवर्नेंस को लेकर कभी कोई सवाल नहीं उठा था। फिर चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफा देने की क्या वजह है?
17-18 मार्च को थी बैंक के बोर्ड की बैठक
HDFC Bank के बोर्ड की बैठक 17-18 मार्च को थी। यह रूटीन बैठक थी। इस बैठक में कुछ ऐसा हुआ जिसकी पहले से उम्मीद नहीं थी। इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर मनीकंट्रोल को यह बताया। बोर्ड की बैठक में अतनु चक्रवर्ती और एग्जिक्यूटिव मेंबर्स के बीच कुछ मसले को लेकर बहस हुई। इसके बाद अचानक अतनु ने इस्तीफा दे दिया। इसका ऐलान 18 मार्च को देर शाम किया गया।
मतभेद बढ़ने के बाद आया चक्रवर्ती का इस्तीफा
सूत्रों ने बताया कि 17 मार्च की शाम तक चक्रवर्ती और बोर्ड के कुछ एग्जिक्यूटिव मेंबर्स के बीच मतभेद इतने बढ़ गए कि सुलह का रास्ता नहीं रह गया। माना जाता है कि इसके बाद चक्रवर्ती ने इस्तीफे की पेशकश कर दी। एक सीनियर बैंकर ने बताया, "अंतरिम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री की नियुक्ति करीब उसी वक्त हुई जब चक्रवर्ती का इस्तीफा हुआ।"
चक्रवर्ती और जगदीशन के बीच कुछ मसलों पर मतभेद
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक दूसरे बैंकर ने कहा कि चक्रवर्ती और बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन के बीच गहरे मतभेद रहे हैं। लेकिन, किसी को उम्मीद नहीं थी कि मंगलवार की मीटिंग में बात इस हद तक चली जाएगी। उन्होंने कहा, "व्यक्तिगत रिश्ते से जुड़े मसले हैं, जिसका अंजाम इस तरह नहीं होना चाहिए था।" उन्होंने कहा कि दोनों के बीच मतभेद मुख्यत: व्यक्तिगत मसलों को लेकर थे। इसका बैंक की वित्तीय स्थिति और बैलेंस शीट से कोई संबंध नहीं है। इस बारे में एचडीएफसी बैंक को भेजे सवालों के जवाब नहीं मिले।
जगदीशन की दोबारा नियुक्ति से पहले रिव्यू चाहते थे चक्रवर्ती
लोगों के मुताबिक, चक्रवर्ती बोर्ड में दो नियुक्तियों को लेकर सहमत नहीं थे। इसमें से एक जगदीशन की दोबारा नियुक्ति थी। उनका मानना था कि बतौर एमडी और सीईओ दूसरी पारी में जगदीशन के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा के बगैर दोबारा नियुक्ति ठीक नहीं है। एक दूसरे सूत्र ने बताया कि चक्रवर्ती कई मौकों पर यह बता चुके थे कि एचडीएफसी बैंक में एचडीएफसी के विलय का पूरा लाभ अभी नहीं मिला है। यह बात उन्होंने 17 मार्च, 2026 के लेटर में भी कही है।
इन वजहों से बढ़ती गई दोनों के बीच दूरियां
इसके अलावा लीलावती हॉस्पिटल मामले में बैंक के एमडी और सीईओ पर लगे आरोप 8 जून से सामने आने लगे जब बैंक ने एक खास लोन के मामले में हॉस्पिटल की तरफ से किए गए दावे को खारिज किया। इसके बाद जुलाई के करीब क्रेडिट सुइस के एटी-1 बॉन्ड्स की मिससेलिंग का मसला आया। ऐसा लगता है कि इन आरोपों के बाद चक्रवर्ती ने जगदीशन की फिर से एमडी और सीईओ पद पर नियुक्ति से पहले उनके प्रदर्शन की समीक्षा को जरूरी बताया होगा। चक्रवर्ती और जगदीशन के बीच मतभेद बढ़ने की कुछ और वजहें भी हैं।