HDFC Bank के शेयरों पर कमजोर तिमाही नतीजों का असर आज भी देखने को मिल रहा है। बैंक के शेयरों में आज 18 जनवरी को 3 फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई। इस तरह यह स्टॉक दो दिनों में करीब 11 फीसदी टूट चुका है। इस समय BSE पर बैंक के शेयर 3.02 फीसदी गिरकर 1490.45 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे हैं। वहीं, इंट्राडे में स्टॉक ने 1480.25 रुपये के निचले स्तर को छू लिया था। एचडीएफसी बैंक के शेयरों में कमजोरी ने अन्य बैंकिंग शेयरों, खास तौर पर प्राइवेट बैंकों पर असर डाला है। इसके चलते आज 18 जनवरी को बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.6 फीसदी नीचे चला गया।
एचडीएफसी बैंक का नेट प्रॉफिट वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में 33 फीसदी बढ़कर 16,372 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 12,259 करोड़ रुपये था। देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक के तिमाही नतीजों के अनुसार फंड के हायर कॉस्ट के कारण Q3FY24 में इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में कमी आई है। हायर प्रोविजन और तीसरी तिमाही में अर्निंग पर शेयर (EPS) में दशक में पहली बार कम ग्रोथ ने भी शेयर पर असर डाला है। लगातार कमजोर डिपॉजिट ग्रोथ लोन ग्रोथ को सीमित कर सकती है और/या मार्जिन पर असर डाल सकती है।
अधिकांश एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर अपना टारगेट प्राइस कम कर दिया है, लेकिन अट्रैक्टिव वैल्यूशन के कारण वे इस स्टॉक पर अब भी बुलिश हैं। एलकेपी सिक्योरिटीज के अनुसंधान विश्लेषक अजीत काबी ने कहा, "लोअर लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR), क्रेडिट-टू-डिपॉजिट (CDR) और धीमी डिपॉजिट ग्रोथ चलकर NIM को प्रभावित कर सकती है। हमारा मानना है कि बाजार इन सभी फैक्टर्स को लेकर चिंतित है। फिर भी आने वाले समय में हमें सुधार देखने को मिल सकता है। एचडीएफसी बैंक के लिए हमारा 12 महीने का टारगेट प्राइस 1700 रुपये है।"
प्राइवेट सेक्टर के लेंडर का NIM तिमाही आधार पर Q3FY24 में 3.6 फीसदी पर फ्लैट रहा, जबकि प्रोविजन में तिमाही आधार पर 39 फीसदी की वृद्धि हुई। इसके अलावा, बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) तिमाही आधार पर 4 फीसदी बढ़ी। Q3FY24 में नेट प्रॉफिट में तिमाही आधार पर 2.5 फीसदी की मामूली वृद्धि हुई।