Q2 नतीजों के बाद HDFC Life ने ग्रोथ आउटलुक बढ़ाया, जानिए आगे के विस्तार को लेकर क्या है मैनेजमेंट का जवाब

HDFC Life:विभा पडलकर ने आगे कहा कि H1 में कंपनी की ओवरऑल ग्रोथ 31% रही। 1 अक्टूबर से सरेंडर चार्ज के नियम लागू हुए है। हालांकि सरेंडर चार्जेस को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

अपडेटेड Oct 16, 2024 पर 12:13 PM
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Q2 में HDFC लाइफ के नतीजे अच्छे रहे। Q2 में कंपनी का मुनाफा 15% बढ़ा है जबकि VNB ग्रोथ भी 17 परसेंट रही।

Q2 में HDFC लाइफ के नतीजे अच्छे रहे। Q2 में कंपनी का मुनाफा 15% बढ़ा है जबकि VNB ग्रोथ भी 17 परसेंट रही। कंपनी ने ग्रोथ आउटलुक 15% से बढ़ाकर 18-20% किया है। कंपनी ने बताया प्रीमियम कलेक्शन और इनवेस्टमेंट इनकम में अच्छी ग्रोथ से उसे अपना मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली। इंश्योरेंस कंपनी का नेट प्रीमियम इनकम सितंबर तिमाही के दौरान 12.3 फीसदी बढ़कर 16,570 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 14,756 करोड़ रुपये था।

बता दें कि HDFC लाइफ का न्यू बिजनेस प्रीमियम सितंबर तिमाही में 14 फीसदी बढ़कर 8,097 करोड़ रुपये रहा। टोटल एनुअल प्रीमियम इक्विवैलेंट (APE) 26.7 फीसदी बढ़कर 3,858 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 3,045 करोड़ रुपये था।

नतीजों और कंपनी के ग्रोथ आउटलुक पर सीएनबीसी -आवाज से बात करते हुए HDFC लाइफ की MD & CEO विभा पडलकर ने कहा कि Q2 में कंपनी की ग्रोथ 31% रही है और मार्केट शेयर में भी बढ़ोतरी हुई है। पॉलिसी प्रोडक्ट बिक्री में भी 22% की ग्रोथ रही है। रिटेल प्रोटेक्शन प्रोडक्ट में 27% ग्रोथ रही जबकि Q2 में VNB ग्रोथ 17% रही । उन्होंने कहा कि VNB में ग्रोथ आगे भी बेहतर रहेगी।

विभा पडलकर ने आगे कहा कि H1 में कंपनी की ओवरऑल ग्रोथ 31% रही। 1 अक्टूबर से सरेंडर चार्ज के नियम लागू हुए है। हालांकि सरेंडर चार्जेस को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। H2 में ग्रोथ आउटलुक 18-20% संभव है जबकि H2 में VNB ग्रोथ 15-17% रहने का अनुमान है।


विभा पडलकर ने इस बातचीत में आगे कहा कि Q3 में सरेंडर चार्जेस को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। इंश्योरेंस सेक्टर में काफी मटीरियल बदलाव हुए है। स्थिति साफ होने से सेक्टर में क्लैरिटी आएगी। H1 पॉलिसी प्रोडक्ट बिक्री में 22% ग्रोथ रही जबकि H2 में पॉलिसी प्रोडक्ट बिक्री ग्रोथ 18-20% संभव है।

उन्होंने आगे कहा कि कंपनी आगे की ग्रोथ को लेकर काफी सकारात्मक है। कंपनी और इंडस्ट्री दोनों की ही ग्रोथ काफी बेहतर रही। 2 साल की CAGR ग्रोथ 17-18% की रेंज में रही है। सरेंडर चार्जेस में बदलाव के बावजूद इंडस्ट्री ग्रोथ बेहतर रहेगी। इकोनॉमिक फैक्टर देखकर प्रोडक्ट कीमतें तय करते है। स्थिति को देखते हुए कमीशन रेट्स में बदलाव करेंगे।

 

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