HEG और Graphite के शेयरों में 18% तक उछाल, जापान से आई इस गुड न्यूज ने बना दिया माहौल

Why HEG and Graphite Shares rocketed: घरेलू स्टॉक में आज सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी पर भारी उठा-पटक रही और बुल-बेयर्स की रस्साकसी में सेंसेक्स-निफ्टी लगभग फ्लैट ग्रीन जोन में बंद हुए। वहीं दूसरी तरफ जापान की कैबिनेट ने एक ऐसा फैसला लिया कि भारतीय स्टॉक मार्केट में दो शेयरों के लिए अच्छा माहौल बन गया। इसके चलते एचईजी और ग्रेफाइट इंडिया के शेयर 18 फीसदी तक उछल गए

अपडेटेड Mar 25, 2025 पर 5:08 PM
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जापान की कैबिनेट ने चीन से ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की खरीदारी पर 95.2 फीसदी की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला किया तो HEG और Graphite के शेयर 18% तक उछल गए।

Why HEG and Graphite Shares rocketed: जापान की कैबिनेट के फैसले ने आज भारतीय मार्केट के दो स्टॉक्स की चमक बढ़ा दी है। जापान की कैबिनेट ने चीन से ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की खरीदारी पर 95.2 फीसदी की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। यह ड्यूटी 29 मार्च से प्रोविजनल तौर पर चार महीने के लिए लगेगी। इसके चलते एचईजी और ग्रेफाइट इंडिया के शेयर रॉकेट 18 फीसदी तक उछल गए। दिन के आखिरी में एचईजी बीएसई पर 11.98 फीसदी की बढ़त के साथ 483.30 रुपये और ग्रेफाइड इंडिया 7.59 फीसदी के उछाल के साथ 495.60 रुपये पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में एचईजी 18.16 फीसदी उछलकर 510.00 रुपये और ग्रेफाइट 13.97 फीसदी चढ़कर 525.00 रुपये पर पहुंच गया था।

जापान का फैसला भारतीय कंपनियों के लिए मौका?

जापान की कैबिनेट ने फैसला किया है कि 29 मार्च से चार महीने के लिए चीन से आने वाले ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स पर 95.2 फीसदी की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगााई जाएगी। कैबिनेट ने यह फैसला एक सरकारी जांच के बाद लिया, जिसमें पिछले महीने अंतरिम रिपोर्ट में यह सामने आया था कि चीन इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस स्टीलमेकिंग में इस्तेमाल की जाने वाली एक जरूरी इंडस्ट्रियल चीज ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड का बहुत ही कम कीमतों पर निर्यात कर रही था, जिससे जापानी कंपनियों को नुकसान हो रहा था। एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला भारतीय कंपनियों के लिए कितना बड़ा मौका है, इसे ऐसे समझ सकते हैं कि जापान का ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड मार्केट करीब 60 हजार टन का है जिसमें से 25 फीसदी चीन से आता है।


एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

पहले एचईजी की बात करें तो इसके शेयर पिछले 5 दिसंबर 2024 को 619.25 रुपये पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। शेयरों की यह तेजी यहीं थम गई और इस हाई लेवल से ढाई ही महीने में यह 46 फीसदी से अधिक फिसलकर पिछले महीने 17 फरवरी 2025 को 332.20 रुपये के भाव पर आ गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। निचले स्तर पर शेयर संभले और खरीदारी के दम पर 45 फीसदी से अधिक रिकवर हुए लेकिन अब भी एक साल के हाई से यह करीब 22 फीसदी डाउनसाइड है।

अब ग्रेफाइट इंडिया की बात करें तो इसके शेयर पिछले साल 25 अप्रैल 2024 को 709.45 रुपये पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। शेयरों की यह तेजी यहीं थम गई और इस हाई लेवल से दस ही महीने में यह 48 फीसदी से अधिक फिसलकर इस महीने की शुरुआत में 4 मार्च 2025 को 366.00 रुपये के भाव पर आ गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। निचले स्तर पर शेयर संभले और खरीदारी के दम पर 35 फीसदी से अधिक रिकवर हुए लेकिन अब भी एक साल के हाई से यह 30 फीसदी से अधिक डाउनसाइड है।

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