Voda Idea News: वोडा आइडिया ने बदली स्ट्रैटेजी, सिर्फ IBM से डील की बजाय चुनी एक और कंपनी

Voda Idea News: वित्तीय दिक्कतों से जूझ रही दिग्गज टेलीकॉम कंपनी वोडा आइडिया ने लागत घटाने के लिए खास स्ट्रैटेजी तैयार की है। कंपनी ने शर्तों पर फिर से बातचीत करने के बाद आईटी आउचसोर्सिंग डील सिर्फ एक ही कंपनी के साथ नहीं बल्कि आईबीएम (IBM) और केंड्रिल (Kendryl) के साथ की है। यह डील कई वर्षों के लिए है

अपडेटेड Mar 25, 2025 पर 3:15 PM
Story continues below Advertisement
सिर्फ एक ही कंपनी आईबीएम पर निर्भर रहने की बजाय Voda Idea ने कई वेंडर्स चुने हैं ताकि ओवरऑल ऑपरेटिंग कॉस्ट कम किया जा सके और अपने-अपने क्षेत्र के माहिर लोगों को काम दिया जा सके।

Voda Idea News: वित्तीय दिक्कतों से जूझ रही दिग्गज टेलीकॉम कंपनी वोडा आइडिया ने लागत घटाने के लिए खास स्ट्रैटेजी तैयार की है। कंपनी ने शर्तों पर फिर से बातचीत करने के बाद आईटी आउचसोर्सिंग डील सिर्फ एक ही कंपनी के साथ नहीं बल्कि आईबीएम (IBM) और केंड्रिल (Kendryl) के साथ की है। यह डील कई वर्षों के लिए है। इसके बारे में कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) जगबीर सिंह ने मनीकंट्रोल से बातचीत में बताया। हालांकि उन्होंने सौदे के साइज के बारे में तो नहीं बताया लेकिन सूत्रों से पता चला कि यह डील 50-60 करोड़ डॉलर का है। यह डील कंपनी की तीन साल की 660 करोड़ डॉलर की कैपेक्स योजना के मुताबिक ही है।

Voda Idea ने क्यों किया ऐसा?

वोडा आइडिया ने नया एग्रीमेंट आईबीएम के साथ हुई पहले की 80 करोड़ डॉलर की डील से काफी कम वैल्यू पर है जोकि अप्रैल 2024 में खत्म हुआ था। लागत घटाने की कोशिशों में जुटी कंपनी के लिए यह बड़ा कदम है। कंपनी के सीटीओ ने कहा कि सिर्फ एक ही वेंडर को कॉन्ट्रैक्ट देने की बजाय अपने-अपने क्षेत्र के एक्सपर्ट को चुना गया। अब जो डील हुई है, उससे आईबीएम पर निर्भरता कम हुई है क्योंकि अब यह सिर्फ एप्लीकेशन डेवलपमेंट और मैनेजमेंट जैसे अहम इलाकों का काम संभालेगी। वहीं केंड्रिल को सर्वर, स्टोरेज और फायरवाल से जुड़ी इंफ्रा मैनेजमेंट का काम सौंपा गया है। इसके अलावा वेंडर्स को डाईवर्सिफाई करने के लिए छोटे-छोटे वेंडर्स को भी कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं।


लागत में आएगी गिरावट

सिर्फ एक ही कंपनी आईबीएम पर निर्भर रहने की बजाय वोडाफोन आइडिया ने कई वेंडर्स चुने हैं ताकि ओवरऑल ऑपरेटिंग कॉस्ट कम किया जा सके और अपने-अपने क्षेत्र के माहिर लोगों को काम दिया जा सके। कंपनी का लक्ष्य ऐसे वेंडर्स को काम देना है, जो कम से कम लागत में बेहतर रिजल्ट दे सकें। इसी स्ट्रैटेजी को ही कंपनी ने अपने 4जी और 5जी नेटवर्क कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए अच्छी डील हासिल करने के लिए अपनाई थी। कंपनी के सीटीओ का कहना है कि इससे कंपनी की प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। इसके अलावा कंपनी अपने एंप्लॉयीज को क्लाउड, आईपी/एमपीएलएस, एआई टूल्स और मशीन लर्निंग भी सिखा रही है।

Zomato और Swiggy में किसी को नहीं चुना मैक्वेरी ने, इन दो स्टॉक्स पर लगाया दांव

Easy Trip Planners ने किए निवेश के ये बड़े ऐलान

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।